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आदित्यपुर-खरकई पुल का पैदल मार्ग जर्जर: हादसे का खतरा बढ़ा, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

सरायकेला-खरसावां आदित्यपुर को जमशेदपुर से जोड़ने वाले खरकई नदी पर बने पुराने पुल का पैदल मार्ग इन दिनों गंभीर बदहाली का शिकार है। पुल के फुटपाथ का स्लैब पिछले कई महीनों से टूटा हुआ है, जिससे रोज़ाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मार्ग खासकर सुबह-शाम टहलने वालों, बुजुर्गों, महिलाओं और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन टूटे हुए स्लैब के कारण यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

नागरिकों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभाग को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह पुल पथ निर्माण विभाग, सरायकेला-खरसावां के अधीन आता है, इसके बावजूद मरम्मत कार्य लंबित है।

जनप्रतिनिधि ने जताई चिंता

आदित्यपुर नगर निगम वार्ड-17 की पार्षद नीतू शर्मा ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह केवल असुविधा का मामला नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
उनके अनुसार, हर दिन सैकड़ों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं और यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बड़ा सवाल: कब जागेगा विभाग?

लगातार अनदेखी के कारण अब लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का साफ कहना है कि प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कदम उठाना चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से पहले स्थिति को संभाला जा सके।

हमारी राय (Editorial Opinion)

यह मामला केवल एक टूटे हुए स्लैब का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनता जा रहा है। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर छोटी-सी खामी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

पथ निर्माण विभाग को चाहिए कि:

तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू करे

अस्थायी सुरक्षा उपाय (बैरिकेडिंग/चेतावनी बोर्ड) लगाए

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करे
जनता की सुरक्षा किसी भी व्यवस्था की पहली जिम्मेदारी होती है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है।

आपकी क्या राय है? क्या प्रशासन को इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए?

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