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"डिजिटल क्रांति की ओर कदम: शेरघाटी में भूमि सर्वेक्षण का शंखनाद"



विजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार

शेरघाटी (गया)​:
बिहार में दशकों पुराने भूमि विवादों को सुलझाने और जमीनी रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाने की दिशा में 'विशेष सर्वेक्षण' एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

हाल ही में गया जिले के शेरघाटी अंचल के अंतर्गत पंडित बिगहा ग्राम के लिए जारी आधिकारिक सूचना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन अब धरातल पर उतरकर नक्शों और हकीकत के बीच के अंतर को पाटने के लिए तैयार है।

​पारदर्शिता का नया अध्याय,
​भूमि विवाद बिहार के न्यायालयों में लंबित मामलों का एक बड़ा हिस्सा हैं।
इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य 'किस्तवार' (खेतों की पैमाइश और मानचित्र निर्माण) के माध्यम से स्वामित्व को स्पष्ट करना है।
श्रीरामपुर पंचायत के सामुदायिक भवन में आयोजित होने वाली ग्राम सभा केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच संवाद का वह मंच है, जहाँ "वंशावली" से लेकर "हक" तक का फैसला पारदर्शी तरीके से होगा।

​रैयतों की जिम्मेदारी:
केवल कागज़ नहीं, उपस्थिति भी जरूरी,
​अक्सर देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में ग्रामीण इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेते, जिसका खामियाजा बाद में गलत प्रविष्टियों (Entries) के रूप में भुगतना पड़ता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अमीन के साथ खेत पर उपस्थित रहना और साक्ष्य प्रस्तुत करना रैयतों का दायित्व है।
अतुल कुमार दास (विशेष सर्वेक्षण अमीन) जैसे अधिकारियों के साथ सहयोग ही इस जटिल प्रक्रिया को सफल बना सकता है।

​चुनौतियाँ और समाधान,
​इस प्रक्रिया की सबसे बड़ी चुनौती वंशावली सत्यापन है।
पुश्तैनी जमीनों के बँटवारे में अक्सर मौखिक समझौते होते हैं, जिन्हें अब कानूनी अमलीजामा पहनाना होगा।
ग्रामीणों के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे अपनी भूमि का अद्यतन (Updated) रिकॉर्ड प्राप्त करें, जिससे भविष्य में खरीद-बिक्री और बैंक ऋण जैसी प्रक्रियाओं में सुगमता आए।

​निष्कर्ष
​शेरघाटी से उठी यह प्रशासनिक सक्रियता इस बात का संकेत है कि बिहार सरकार 'भूमि सुधार' को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रखना चाहती।
अब गेंद जनता के पाले में है।
यदि रैयत जागरूक होकर इस "विशेष सर्वेक्षण" में भाग लेते हैं, तो आने वाली पीढ़ियों को कचहरी के चक्करों से मुक्ति मिल सकती है।

​ यह समय सजग रहने का है। अपनी जमीन, अपना कागज़ और अपनी उपस्थिति—यही आपकी संपत्ति की सुरक्षा की गारंटी है।
​प्रशासनिक संपर्क: ईमेल: sherghatishivir@gmail.com
वि० सर्वे० सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, शेरघाटी (गया)।

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