फुलवारी शरीफ का ‘चुनौती कुआं’ अस्तित्व के कगार पर, ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा का शिकार
बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ क्षेत्र में स्थित प्राचीन ‘चुनौती कुआं’ आज अपनी पहचान खोने के कगार पर पहुंच गया है। माना जाता है कि यह कुआं सम्राट अशोक के काल से जुड़ा हुआ है, जो इस इलाके की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस धरोहर की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। कुएं को धीरे-धीरे मिट्टी और कचरे से भर दिया गया है, जिससे इसका मूल स्वरूप लगभग समाप्त हो चुका है। कभी यह स्थान आसपास के लोगों के लिए जल का प्रमुख स्रोत और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब यह उपेक्षा और लापरवाही का प्रतीक बन गया है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता साफ दिखाई देती है। वार्ड काउंसलर और स्थानीय विधायक दोनों ही इस ऐतिहासिक धरोहर की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस कुएं की सफाई, संरक्षण और सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं किया गया, तो यह अनमोल धरोहर हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्थल को संरक्षित घोषित कर इसके संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
यह केवल एक कुआं नहीं, बल्कि इतिहास की जीवित निशानी है। इसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी विरासत को पहचान सकें।