अधिकारियों के इंतजार में निराश लौटे पेंशनर्स, नहीं हुई सुनवाई: 11 साल से पति की पेंशन के लिए भटक रही महिला, बताई पीड़ा
झालावाड़ में पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को ट्रेजरी कार्यालय में आयोजित विशेष शिविर पेंशनर्स के लिए निराशा का कारण बन गया। कोटा स्थित पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग के अतिरिक्त निदेशक की ओर से लगाए गए इस शिविर में सक्षम अधिकारी ही नहीं पहुंचे। जिले के अलग-अलग इलाकों से करीब 65 पेंशनर्स अपनी सालों पुरानी समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन समाधान तो दूर, उन्हें बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा।
राजस्थान पेंशनर्स मंच के जिला सचिव आरिफ हुसैन गौरी ने बताया कि यह शिविर विशेष रूप से क्षेत्रीय कार्यालय, कोटा से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए रखा गया था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के गैरमौजूद होने से पेंशनर्स में भारी नाराजगी रही।
कलेक्टर के निर्देश पर मांगी गई समस्याओं की सूची
जब पेंशनर्स ने अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई तो जिला कलेक्टर से संपर्क किया गया। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर झालावाड़ के कोषाधिकारी ने पेंशनर्स की समस्याएं एकत्रित कीं और उन्हें कोटा कार्यालय व संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद पेंशनर्स का कहना था कि वे समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
9 साल बाद भी नहीं मिली ग्रेच्युटी
शिविर में पहुंचे भवानीमंडी के सेवानिवृत्त ग्रामसेवक लखनलाल बैरागी ने बताया कि उन्हें पेंशन मिले नौ साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक ग्रेच्युटी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। कई बार विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
22 महीने बाद भी नहीं मिला एरियर
झालावाड़ निवासी जफर अली ने बताया कि उनकी पेंशन शुरू हुए 22 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन राशि और मासिक पेंशन का एरियर जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हर बार केवल प्रक्रिया जारी होने का जवाब मिलता है।
11 साल से पति की पेंशन के लिए भटक रही महिला
भवानीमंडी क्षेत्र की रीना गुप्ता ने शिविर में अपनी दर्दभरी कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके पति जितेंद्र कुमार गुराड़िया माना के राजकीय संस्कृत स्कूल में कार्यरत थे। 20 अप्रैल 2015 को उनके निधन के बाद से आज तक पेंशन प्रकरण का निस्तारण नहीं हुआ है।
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रीना गुप्ता ने बताया कि वह पिछले 11 सालों से लगातार विभागों के चक्कर लगा रही हैं। जयपुर संपर्क पोर्टल पर शिकायत के बाद आदेश भी हुए, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनकी एकमात्र बेटी बीटेक की पढ़ाई कर रही है और आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है।
पेंशनर्स मंच ने जताई नाराजगी
शिविर में राजस्थान पेंशनर्स मंच के जिला अध्यक्ष सईद अहमद, सचिव आरिफ हुसैन गौरी सहित ललित शर्मा, आफताब आलम, रमेशचंद्र शर्मा, अमीन बेग, घनश्याम वर्मा सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पेंशनर्स के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
समाधान कब मिलेगा, यही बड़ा सवाल
पेंशनर्स का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना बेहद मुश्किल है। ऐसे में समाधान शिविर में भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन लंबित मामलों का समाधान कब तक कराता है।
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