ओडिशा के क्योंझर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे देश की रूह कंपा दी।
ओडिशा के क्योंझर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे देश की रूह कंपा दी।
एक बेबस भाई, जीतू मुंडा, को अपनी मृत बहन के बैंक खाते से जमा पूँजी निकालने के लिए
उसका कंकाल कंधे पर लादकर बैंक पहुँचना पड़ा।
आरोप है कि बैंक अधिकारी बार-बार 'अकाउंट होल्डर' को खुद लाने की जिद पर अड़े थे,
जबकि बहन की मृत्यु महीनों पहले हो चुकी थी। आखिर में हारकर और हताश होकर जीतू ने
कब्र खोदी और अपनी बहन के कंकाल को बैंक के सामने रख दिया ताकि 'बैंक' को उसकी मौत का यकीन हो सके।
खुशी की बात यह है कि अब प्रशासन जागा है और जीतू को उसकी हक की राशि ब्याज सहित लौटा दी गई है।
साथ ही रेड क्रॉस की ओर से आर्थिक सहायता भी दी गई है। लेकिन सवाल वही है—क्या नियम इंसानियत से बड़े हैं?