सक्सेस स्टोरी 2 kg आम! किसान का सवाटा पैटर्न हुआ सफल, हर साल 12 लाख की कमाई
इस किसान का नाम दत्तात्रय बाबूराव घाडगे है और उन्होंने जो सावता आम उगाया है, वह आजकल पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक आम का वज़न दो किलोग्राम तक होता है, जिससे यह देखने में बहुत सुंदर लगता है।
इस ज़मीन की विरासत को संभालकर रखते हुए, दत्तात्रेय घाडगे जी ने अपनी कड़ी मेहनत और रिसर्च की भावना से आम की एक नई वैरायटी बनाई है। उन्होंने बड़ी लगन से इस वैरायटी का नाम सवाता आम रखा है। इस आम की सबसे बड़ी खासियत इसका साइज़ और वज़न है। आम आमों के मुकाबले यह आम साइज़ में बहुत बड़ा होता है, और एक फल का वज़न डेढ़ से दो किलोग्राम होता है। घाडगे ने सवाता आम की वैरायटी के लिए पेटेंट भी हासिल किया है।
दत्तात्रय घाडगे जी ने यह एक्सपेरिमेंट सिर्फ़ शौक के तौर पर ही नहीं किया है, बल्कि इसके कमर्शियल मैथेमेटिक्स को भी अच्छे तरीके से पेश किया है। उन्होंने अपनी 8 एकड़ ज़मीन में यह सवाता माला आम का बाग लगाया है। सही प्लानिंग, फर्टिलाइज़र मैनेजमेंट और पेड़ों की देखभाल की वजह से आज यह बाग फलों से लदा हुआ है।
पारंपरिक खेती से हटकर, घाडगे जी ने बाग की खेती पर ध्यान दिया। उनके इस अनोखे प्रयोग से उन्हें अच्छा फाइनेंशियल रिटर्न मिल रहा है। अभी, मार्केट में इस आम की बहुत डिमांड है, और इससे वह हर साल 10 से 12 लाख रुपये की इनकम कर रहे हैं। कम मेहनत और सही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मिली यह सफलता दूसरे किसानों को भी इंस्पायर कर रही है।