बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए नए कानून
पुराने नियम में क्या-क्या बदलना चाहती है सरकार?
बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए नए कानून
बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। उनसे कहा गया है कि वे अपने-अपने विभागीय कार्यों की विस्तृत और गहन समीक्षा करें। जो कार्य अब उपयोग में नहीं हैं या जिनकी जरूरत खत्म हो चुकी है ऐसे कार्यो की पहचान करें। ताकि नई बनने वाली नियमावली में इन्हें हटाया जा सके। साथ ही वर्तमान में जो कार्य, योजनाएं या जिम्मेदारियां विभागों द्वारा निभाई जा रही हैं उन्हें नई नियमावली में शामिल किया जा सके।
बिहार सरकार बना रही नई कार्यपालिका नियमावली 2026
प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की तैयारी
विभागों में पुराने अप्रचलित काम खत्म होंगे, नए जोड़े जाएंगे
जटिलताएं खत्म होंगी, कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी
डिसिजन प्रॉसेस को जवाबदेह बनाने की तैयारी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकार इस व्यवस्था के जरिए से प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण में जुटी है। इसके तहत अनावश्यक जटिलताओं को खत्म किया जाए और विभागों के कामकाज में पारदर्शिता लाई जाए। इससे ने केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि आम लोगों को मिलने वाली सेवाएं भी अधिक प्रभावी और समयबद्ध हो सकेंगी। सरकार ने सभी विभागों से 11 मई तक रिपोर्ट भेजने को कहा है। 12 मई को अपर मुख्य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय के स्तर पर विस्तृत बैठक होगी जिसमें बदलावों पर विस्तार से चर्चा कर अंतिम रूप दिया जाएगा।
पुराने नियम में क्या-क्या बदलना चाहती है सरकार?
बिहार सरकार इस बदलाव को लेकर काफी गंभीर है और इसके लिए एक सख्त समय सीमा तय की गई है। सभी विभागों को अपने प्रस्ताव और रिपोर्ट भेजने के लिए 11 मई तक का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके ठीक अगले दिन, यानी 12 मई को मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी विभागों से प्राप्त सुझावों पर विस्तार से चर्चा कर नई नियमावली के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पुरानी कागजी प्रक्रियाओं की जगह डिजिटल वर्कफ्लो को प्राथमिकता।
सरकारी विभागों के बीच कार्य विभाजन की नई और स्पष्ट सीमाएं।
47 साल पुराने उन नियमों का विलोपन जो अब विकास में बाधक हैं।
अधिकारियों के लिए नई कार्यप्रणाली के तहत जवाबदेही के मानक।
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Jasimsir