“भागवत कथा में बही भक्ति की गंगा, ‘हरि बोल’ से गूंजा वातावरण”
श्री श्यामा श्याम रसिक परिवार के सानिध्य में चल रही श्रीमद भागवत कथा में आज कथा के दूसरे दिन पूज्य महाराज श्री रविनंदन जी ने व्यास नारद संवाद एवं कुंती भीष्म पितामह स्तुति का दिव्य वर्णन किया।
महाराज जी ने व्यास-नारद संवाद के प्रसंग में समझाया कि किस प्रकार नारद जी ने व्यास जी को भागवत महात्म्य का उपदेश दिया और बताया कि केवल वेद, पुराण या महाकाव्य रचना से मनुष्य का हृदय पूर्ण नहीं होता, बल्कि भगवान की कथा का श्रवण ही जीवन को शांति और भक्ति से भर देता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा वह अमृत है जो हर युग में भक्तों को ईश्वर से जोड़ती है।
मुख्य यजमान के साथ आज के दिवस यजमान श्री मनोज घई-रमा कालरा एवं श्री रवि-शीतल रस्तोगी ने नवग्रह पूजन आदि कर ठाकुर जी का आशीर्वाद प्राप्त किया |
इसके बाद महाराज जी ने कुंती स्तुति का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता कुंती ने विपत्तियों में भी भगवान श्रीकृष्ण को स्मरण कर आभार व्यक्त किया और कहा कि संकट ही उन्हें भगवान के निकट लाते हैं। इसी प्रकार भीष्म पितामह ने अपने अंतिम समय में भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति कर जीवन का सार प्रस्तुत किया। महाराज जी ने समझाया कि विपत्ति और संघर्ष भी भक्त के लिए वरदान होते हैं, क्योंकि वे उसे ईश्वर की शरण में ले जाते हैं।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुजन भावविभोर होकर "हरि बोल" और "जय श्रीकृष्ण" के जयकारे लगाते रहे। अनेक भक्तजन झूमते हुए भक्ति रस में डूब गए।
नगरवासियों के साथ-साथ धामपुर, मुरादाबाद एवं रामपुर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पधारे। वातावरण "जय श्री हरि" के जयकारों से गूंज उठा।
कथा में मुख्य रूप से पंकज गुप्ता, मनीष रस्तोगी, शोभित अग्रवाल, राहुल जौहरी, अशोक अवस्थी, अनिल गुप्ता, CA प्रमोद अग्रवाल, ऐ के सिंह, श्याम कृष्ण गुप्ता, मनोज छिब्बर, मुकेश रस्तोगी, संजीव रस्तोगी, सरल सक्सेना, राजीव गौड़, एकांश गुप्ता, अमर सिंह, गोवर्धन यादव, मनोज घई, संजय गुप्ता, शिवम् अग्रवाल, दीपक मेहरा, शशांक शेखर, सुमित अग्रवाल, सजल अग्रवाल, विनोद अरोड़ा, प्रेम नारायण केसरवानी, अवधेश रस्तोगी, हरीश रस्तोगी सहित संस्था के समस्त सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे।