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संतुलित उर्वरक उपयोग एवं जैविक खेती विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बहरिया। आकांक्षी विकास खंड बहरिया में भा.कृ.अनु.प. के तत्वाधान में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी द्वारा दिनांक 29-04-2026 को राष्ट्रीय उर्वरक जागरूकता अभियान के अंतर्गत जनपद प्रयागराज के आकांक्षी विकास खंड बहरिया, ग्राम-फजिलाबाद उर्फ़ कालूपुर में बहरिया फार्मर प्रोड्यूसर कं लि के कृषक को 'संतुलित उर्वरक उपयोग एवं जैविक खेती' विषय पर जागरुकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जैविक विकल्पों के महत्व तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के वैज्ञानिक उपायों के प्रति जागरूक करना था।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बहरिया ब्लाक प्रमुख शशांक मिश्र द्वारा उद्घाटन किया गया जोकि इस अवसर पर संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागध्यक्ष डॉ. अनंत बहादुर , वरिष्ठ वैज्ञानिको, डॉ. प्रदीप करमाकर, हिरनम्य दास एवं वैज्ञानिक डॉ. सुजान मजूमदार उपस्थित रहे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, प्रयागराज से डॉ. मुकेश मसीह, निमिषा नटराजन एवं . आर. पी. सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जैविक खाद के उपयोग एवं उसके दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में ब्लाक स्तर के अधिकारी सहायक विकास अधिकारी (आई एस बी ) संजय यादव, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) अनिल कुमार, मुख्यमंत्री शोधार्थी सीएम फेलो डॉ अर्चना कुमारी, पशु पालन विभाग डॉ प्रियदर्शना एफपीओ मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंकर लाल यादव व एस एम सहगल फाउंडेशन सुमित यादव भी ब्लाक परिसर बहरिया में उपस्थित रहे डॉ. अनंत बहादुर ने संतुलित उर्वरक प्रयोग करने की आवश्यकता और उसके विभिन्न विकल्पों पर प्रकाश डाला। इसके लिए हरी खाद, जैविक खाद, वर्मी कंपोस्ट इत्यादि तमाम जैविक आयामो के प्रयोग पर बल दिया। जैविक एवं प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पद्धति न केवल मृदा की उर्वरता को बनाए रखती है, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता भी बढ़ाती है। डॉ. सुजान मजूमदार किसानों को ट्राइकोडर्मा एवं सूक्ष्मजीव आधारित जैव उर्वरकों के उपयोग के विषय में जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया तथा बताया कि ये तकनीकें फसलों को रोगों से बचाने और उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं। बहरिया के ब्लॉक प्रमुख श्री शशांक मिश्रा द्वारा भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी से लाये गए 70-75 कृषको को उर्वरक के किट बांटे गए और उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरक के कम से कम प्रयोग और जैविक खेती के बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया।
कृषि विज्ञान केंद्र, प्रयागराज के विशेषज्ञों ने भी किसानों को स्थानीय संसाधनों के उपयोग, रासायनिक उर्वरक के दुरुपयोग तथा तथा मिट्टी का नमूना मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच के लिए कैसे लिया जाए इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी । इस कार्यक्रम को सुचारू से संपन्न कराने हेतु बहरिया फार्मार प्रोड्यूसर का.लि. का बहुमूल्य योगदान योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में किसान-वैज्ञानिक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। उपस्थित किसानों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।

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