नासिक में शानदार मुशायरा, ‘चाहत का समंदर’ किताब का हुआ भव्य विमोचन
नासिक: संवादाता
शहर में अदबी माहौल के बीच एक यादगार मुशायरे का आयोजन किया गया, जहां मशहूर शायर इरशाद वसीम की किताब ‘चाहत का समंदर’ का शानदार विमोचन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोताओं ने शिरकत की और रोटरी क्लब हॉल खचाखच भरा रहा।
इस मुशायरे में स्थानीय और बाहरी शायरों ने अपना बेहतरीन कलाम पेश किया, जिसे श्रोताओं ने पूरे दिल से सुना। खास बात यह रही कि कार्यक्रम के आखिर तक दर्शक मौजूद रहे, जो इसकी कामयाबी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट नंदकिशोर भूतड़ा ने की, जबकि संचालन इरशाद अंजुम मालेगांवी ने संभाला। किताब का विमोचन एडवोकेट सैयद अंसार कासिम अली के हाथों हुआ। शमा-ए-महफिल को हाजी शुऐब मेमन ने रोशन किया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर चिराग कोकणी, फारूक शेख, मुकुंद दीक्षित, वासंती दीक्षित, किरण मोहिते, आडवोकेट वायचले, आडवोकेट गोदावरी,एम्स के अजमल खान,हसरत शेख, आरिफ भाई, डॉ आरिफ, अय्युब भाई अक्रम शेख, नदिम मनियार और हमीद शेख राईट हेडलाईन्स के उप संपादक मो.जावेद शेख अबू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। यह आयोजन ‘जिंदा दिलान-ए-उर्दू’ और एम्स ग्रुप की ओर से किया गया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के अहम सदस्य डॉ. सैयद असफ ने सभी मेहमानों और शहर के श्रोताओं का शुक्रिया अदा किया।
किताब के लेखक इरशाद वसीम ने खास तौर पर एडवोकेट सैयद अंसार का और प्रोग्राम के लिए अजमल खान का आभार जताया, जिन्होंने किताब के प्रकाशन और प्रोग्राम में अहम भूमिका निभाई और सभी खर्च खुद वहन किए। साथ ही, जिन लोगों ने किताब को सम्मानपूर्वक खरीदा, उनका भी दिल से धन्यवाद किया गया।
यह मुशायरा न सिर्फ अदब प्रेमियों के लिए खास रहा, बल्कि इसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।