सोनभद्र पुलिस अधीक्षक महोदय ने शिवानी जैन खोज जरूरी मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक पिपरी को जांच के लिए किया निर्देशित ,
सोनभद्र पुलिस अधीक्षक महोदय ने शिवानी जैन खोज जरूरी मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक पिपरी को जांच के लिए किया निर्देशित , थाना निरीक्षक ने शुरू की जांच ,
एक महीने बाद संबंधित प्रकरण पर आरटीआई लगाकर विवेचना की सारी प्रक्रिया मांगी जा सकती है ।
शिवानी जैन की तलाश क्यों ?
1 . सर्वप्रथम पत्रकार पर हुए फर्जी एससी एसटी के मुकदमे में शिवानी जैन अहम गवाह है , क्योंकि एससी एसटी का मुकदमा हुआ तो पत्रकार के सम्मानित हो रहे पोस्ट पर लिखा था कि " रिंकू ने कराया है अब जाओ जेल की हवा खावो"
2 . भाजपा नेता राकेश पाण्डेय और उनके दो साथी पर हुए 376 बलात्कार के मुकदमे में समझौता में उक्त महिला को सात लाख रुपया दिया गया था जिसकी चर्चा हुई थी जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था , उसमे शिवानी जैन अहम इसलिए है की उसमे पैसे का खुला लेनदेन हुआ था जो एक क्राइम है और उस महिला का ये आदत भी हो सकता है की ऐसा कर मोटी रकम ऐठती होगी या फिर पैसा देकर मुंह बंद करना भी एक अपराध में आता है , तो उसमे भी अहम गवाह है , साथ ही कुल चुपके से वीडियो बनाया गया था जिससे बाद में महिला को ब्लैक मेल कर किसी और को फसाते या फिर राकेश पाण्डेय और उनके ठिकेदार साथी को समय समय पर ब्लैक मेल कर पैसा एठते ।
3 . शिवानी जैन का संदिग्ध तरीके से गायब होना , उसके घर परिवार वालो को ना पता चलना , उसकी बहन, भाई का हत्या का आरोप लगाना, और एक बड़े नेता से जुड़ा होना , साथ ही कई मंत्रियों से मिलाना क्या था ? क्या उसे इसीलिए ही लाया गया था ? उसके गायब होने की प्रार्थमिक सूचना दर्ज ना कराना क्या है ?
समय समय पर उनके साथ मान्यता प्राप्त पत्रकार द्वारा लोगो से झूठ बोलकर ये कहना की भाभी जी आई थी , हलुआ बनाई थी हम सब को दी थी , हमको सबसे ज्यादा मानती थी इसलिए हमे ज्यादा दी थी हमारे लिए सबसे लड़ जाती है , लेकिन जब कोई कहता की चले हम भी भाभी जी से मिल ले तब पत्रकार महोदय कहते अभी तो उनको दिल्ली जाने के लिए ट्रेन पर बैठा कर आए है , परसो से आई थी , ये सब संदिग्ध गतिविधियों की तरफ इशारा करता है ।
4 . पत्रकार पर शिवानी जैन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का झूठा आरोप लगाकर चांद प्रकाश जैन से कहकर विष्णु गुप्ता फर्जी एससी एसटी और 376 का दो दो फर्जी मुकदमा कराया गया था , सुष्मिता गौड़ से पैसा लेकर नौकरी लगवाने का आरोप लगवाना, किन्नर से पांच लाख रुपया ले कर जमीन ना देना , उसका शारीरिक शोषण करना जैसा उससे कई जघन्य फर्जी आरोप लगवाना शामिल है , फिर एक विधवा महिला से उसको गंदी नजरो से देखना, देखकर बुदबुदाना, उसकी जमीन हड़पना जैसा आरोप लगाया गया । ये सब शुरू शिवानी जैन का वीडियो चलाने से लेकर शुरू हुआ था जिसका आरोप विष्णु गुप्ता ने लगाया था ।
5 . शिवानी जैन के साथ क्या हुआ , कहा है, किस हालत में है , क्या अब कभी अपने परिवार से मिलेगी , किन किन मंत्रियों और नेताओं से अथवा अधिकारियों से उसे मिलाया गया था क्यों ? ये सारा ज़बाब तो वही दे सकती है । इसलिए सारी जनता की मांग है की उसकी तलाश कर सारे प्रश्नों का उत्तर निकालते हुए उसे उसके परिवार से मिलाया जाए ।