*LPG सिलेंडर का सरकार ने नया नियम जारी किया
*LPG सिलेंडर का सरकार ने नया नियम जारी किया जान लें, सिलेंडर चाहिए तो देना होगा DAC नंबर, धोखाधड़ी से बचेंगे आप*
*LPG Rule*: एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर इन दिनों काफी मारा- मारी है, ऐसे में कई फ्रॉड भी इसकी बुकिंग के नाम पर हो रहे हैं. लेकिन अब इससे बचने के लिए एक नया नियम भी आ गया
*DAC Number*: यूएस- ईरान के बीच तनाव का असर दुनियाभर में देखने को मिल रहा है. जिसके चलते देशभर में LPG और पेट्रोलियम गैस की किल्लत भी देखने को मिल रही है. जिसकी वजह से घरेलू गैस मिलने में दिक्कतें, लंबा इंतजार और तो और कई लोगों के साथ बुकिंग के नाम पर फ्रॉड भी किया जा रहा है. इन्हीं सबसे बचने के लिए सरकार एक नया नियम लेकर आई. जिससे अब आप गैस बुकिंग और डिलीवरी के समय धोखाधड़ी का शिकार होने से बचेंगे.
सबसे पहले अपने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग गैस एजेंसी के नंबर, IVRS कॉल या एसएमएस या फिर डिस्ट्रीब्यूटर की ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए कीजिए.
इसके बाद DAC नंबर आने का इंतजार कीजिए. एक बार जब बुकिंग कंफर्म हो जाएगी तो डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) जनरेट हो जाएगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए, या व्हॉट्सएप और आमेल पर मिल जाएगा.
इस कोड को संभालकर रखें, ये एक OTP की तरह ही रहता है इसे किसी के साथ भी शेयर ना करें. केवल डिलेवरी एजेंट को भेजें.
जब डिलीवरी बॉय आपके पास सिलेंडर लेकर आएगा ये कोड उसे बताएं, तभी आपके सिलेंडर की डिलीवरी हो पाएगी.
इस बात का ध्यान रखें कि अगर आपके पास DAC नंबर नहीं है तो आपको सिलेंडर की डिलेवरी नहीं मिल पाएगी.
मंत्रालय ने क्या कहा?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि, घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और इसमें कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन बढ़ाना, बुकिंग प्रणाली को बनाना और डीएसी कवरेज का विस्तार करना जैसे नियमों से उपभोक्ताओं के मन में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी, साथ ही उन्हें होने वाली परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी.
*तकनीकि खराबी को सुधारा गया*
ये कदम DAC सिस्टम में आई तकनीकी खराबी की वजह से डिलीवरी बाधित होने के बाद उठाया गया. मार्च की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि कई उपभोक्ताओं को बुकिंग और भुगतान के बावजूद ऑथेंटिकेशन कोड नहीं मिल पा रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें सिलेंडर मिलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. ये परेशानी डिजाइनिंग में हुई एक गलती की वजह से हुई थी, जिसमें DAC कोड बुकिंग के लिए उपयोग किए गए डिवाइस के बारे में ना जानकर भी केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता था. हालांकि अब इसे सुधाकर बुकिंग के दौरान व्हॉट्सएप नंबर या ईमेल के जरिए मिल जाया करेगा.