फलता में चुनावी टकराव—‘सिंघम’ अजयपाल शर्मा की छापेमारी पर TMC कार्यकर्ताओं का घेराव
दक्षिण 24 परगना के फलता इलाके में चुनावी माहौल उस वक्त गरमा गया जब चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक और आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा, जिन्हें “योगी के सिंघम” के नाम से भी जाना जाता है, भारी सुरक्षा बलों के साथ टीएमसी नेता जहांगीर खान के ठिकानों पर छापेमारी के लिए पहुंचे।
जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए कार्रवाई का विरोध करने लगे। हालात तेजी से तनावपूर्ण हो गए और गुस्साए कार्यकर्ताओं ने अजयपाल शर्मा और उनकी टीम को घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा, और हालात को काबू में रखने के लिए अधिकारी को कुछ समय बाद वहां से निकलना पड़ा।
तनाव के बीच अजयपाल शर्मा खुद गाड़ी से उतरे और भीड़ का सामना करते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी कि चुनाव आयोग निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने साफ कहा कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय है, चाहे वो कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
टीएमसी की ओर से आरोप लगाया गया है कि केंद्रीय एजेंसियों और बाहर के अधिकारियों का इस्तेमाल कर उनके नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए की जा रही है।
फलता विधानसभा क्षेत्र को दूसरे चरण के मतदान के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, जहां पहले भी चुनावी हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने सख्त अधिकारियों और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की है।
फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। अजयपाल शर्मा ने साफ किया है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए वे अंत तक डटे रहेंगे।