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दिल्ली, विशेष रिपोर्ट: भारत की ऐतिहासिक धरोहर और गौरव का प्रतीक लालकिला आज अपने स्थापना दिवस पर देशभर में श्रद्धा और गर्व के साथ याद किया जा रहा है। म

दिल्ली, विशेष रिपोर्ट:
भारत की ऐतिहासिक धरोहर और गौरव का प्रतीक लालकिला आज अपने स्थापना दिवस पर देशभर में श्रद्धा और गर्व के साथ याद किया जा रहा है। मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा वर्ष 1638 में बनवाया गया यह भव्य किला न केवल वास्तुकला का अद्भुत नमूना है, बल्कि भारतीय इतिहास के कई महत्वपूर्ण पलों का साक्षी भी रहा है।
लाल पत्थरों से निर्मित इस किले की भव्यता और सुंदरता आज भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। यही वह स्थल है जहाँ से हर वर्ष 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं, जो इसकी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को और भी बढ़ाता है।
इस अवसर पर इतिहास प्रेमियों, पर्यटकों और देशवासियों ने लालकिले के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और इसकी विरासत को सहेजने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि लालकिला न केवल एक स्मारक है, बल्कि भारत की संस्कृति, स्वतंत्रता संग्राम और एकता का जीवंत प्रतीक है।
सरकार और पुरातत्व विभाग द्वारा भी इस धरोहर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस ऐतिहासिक धरोहर से प्रेरणा ले सकें।
📢 संदेश:
लालकिला हमें हमारे गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है और देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है। आइए, हम सभी मिलकर अपनी इस अमूल्य धरोहर की रक्षा और सम्मान करने का संकल्प लें।
रिपोर्ट:
✍️ सूर्य प्रकाश पाण्डेय
(मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन)

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