ओडिशा: मानवता शर्मसार; अंतिम संस्कार के पैसों के लिए भाई को बहन का शव लेकर बैंक जाना पड़ा
ओडिशा के नुआपाड़ा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक लाचार भाई को अपनी मृत बहन का शव खाट पर लादकर बैंक के दरवाजे तक ले जाना पड़ा, क्योंकि बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर बिना खाताधारक की मौजूदगी के पैसे देने से इनकार कर दिया था।
यह घटना नुआपाड़ा जिले के बारीगांव की है। 60 वर्षीय गुंजन देई का बीमारी के कारण निधन हो गया था। उनके भाई, अजीत सिंह के पास अपनी बहन के अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। गुंजन के बैंक खाते में 1,500 रुपये जमा थे, जिसे निकालने के लिए अजीत बैंक पहुंचे।
अजीत ने बैंक अधिकारियों से मिन्नतें की और अपनी बहन की मृत्यु की जानकारी दी, ताकि वह अंतिम संस्कार के लिए पैसे निकाल सके। लेकिन, बैंक कर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि पैसे तभी निकलेंगे जब खाताधारक स्वयं वहां मौजूद होगा। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब बैंक का दिल नहीं पघला, तो निराश अजीत गांव लौटा और अपनी बहन के शव को खाट पर रखकर खींचते हुए बैंक ले आया।
जब बैंक के बाहर शव को देखा गया, तो वहां मौजूद लोग दंग रह गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बैंक प्रबंधन की कठोरता और संवेदनहीनता की कड़ी आलोचना की।
मामला बढ़ता देख बैंक अधिकारियों ने तुरंत पैसे रिलीज किए और प्रशासन ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना हमारे सिस्टम की उस खामी को दर्शाती है जहाँ नियम, इंसानियत से बड़े हो जाते हैं।
यह घटना न केवल बैंकिंग प्रणाली की जटिलताओं पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि क्या आधुनिक समाज में संवेदनाएं खत्म होती जा रही हैं?