*दूल्हे के पिता ने दहेज के मुंह पर मारा तमाचा शादी में ₹1 नारियल लेकर की शादी समाज को दिया नया संदेश।*
राजस्थान दौसा जिले के ग्राम पंचायत टोरड़ा अजारा की ढाणी से दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए दिया संदेश, लिया शादी में ₹1और नारियल।*
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देश में आए दिन दहेज के नाम पर बहू को प्रताड़ित करने, मारने-पीटने और दहेज नही देने के कारण हत्या के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं कुछ लोग दहेज न लेकर दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला दौसा जिले के टोरड़ा गांव में देखने को मिला है, जिसमें वर पक्ष की ओर से दहेज प्रथा को समाप्त करने की पहल कर समाज में एक नई मिसाल पेश की है।
दौसा जिले से टोरड़ा निवासी श्रीमती सुशीला देवी पत्नी भगवान सहाय पुत्र स्वर्गीय श्री छीतर मल बैरवा के सुपुत्र पंकज बैरवा की शादी 25 अप्रैल 2026 को श्रीमती शीला देवी पत्नी रामकिशोर बैरवा (बैनिवाल)पुत्र श्री सोहन लाल बैरवा निवासी पड़ासोली तहसील बस्सी जयपुर की सुपुत्री आरती बैरवा (बेनीवाल) के साथ तय हुई थी, जिसमें दूल्हे व दूल्हे के पिता ने दहेज लेने से मना कर दिया।
दोनों परिवारों ने मिलकर इस प्रस्ताव को स्वीकार कर समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने का संदेश देकर एक नई मिसाल पेश की है। शादी की रस्मों के दौरान जब दुल्हन को उपहार के रूप में दहेज देना था तब दूल्हे पंकज बैरवा के पिता भगवानसहाय बैरवा ने शगुन के रूप में एक रुपए और नारियल लेकर की शादी, दहेज मुक्त विवाह को दिया बढ़ावा दिया।
दूल्हे के पिता ने बताया कि वर्तमान समय में दहेज देने की होड़ से मची हुई है। इस होड़ में लड़की का पिता यदि गरीब हैं तो उसको उधार लेकर दहेज देना पड़ता और वह इस उधारी से जिंदगी भर मुक्त नही हो पाता । इसलिए समाज में दहेज रूपी कुरीति को खत्म करने एवं समाज को नया संदेश देने के लिए उन्होंने अपने बेटे की शादी में दहेज नही लेकर समाज को एक नया संदेश देने का प्रयास किया हैँ।