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किसान सभा का आयोजन फसल उत्पादन तकनीक व रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करने पर की चर्चा बदायूं 28 अप्रैल। बी पैक्स खुनक के सदस्यों के आवाहन पर जनपद के

किसान सभा का आयोजन फसल उत्पादन तकनीक व रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करने पर की चर्चा
बदायूं 28 अप्रैल। बी पैक्स खुनक के सदस्यों के आवाहन पर जनपद के ग्राम खुनक में किसान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मक्का की फसल का अच्छा उत्पादन लेने की फसल तकनीक एवं रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करने पर चर्चा की गयी। क्षेत्र प्रबंधक इफको बदायूँ जितेन्द्र कुमार ने जनपद के किसानों का रासयनिक उर्वरकों की खपत कम कर नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का इस्तेमाल बड़ाने हेतु किसानों का धन्यवाद किया।
उन्होने जानकारी दी कि 30-60 दिन की मक्का की फसल में इफको की नैनो यूरिया-500 मिली, इफको सागारिका-500 मिली एवं नैनो जिंक 100 मिली का प्रतिएकड़ की दर से सम्मिलित इस्तेमाल करने से यूरिया के मिट्टी पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है एवं फसल भी स्वस्थ होती है।
जायद की फसलों जैसे मक्का,मेंथा एवं मूंगफली की फसल में यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागारिका अधिक कारगर है। जनपद के कई प्रगतिशील किसानों ने मक्का एवं मेंथा की फसल में आधुनिक तकनीक से विकसित इफको नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागारिका के प्रयोग से कम यूरिया डीएपी डालकर अच्छा उत्पादन लिया है।
मक्का के पत्ते काफी चौडे होत्ते हैं अतः स्प्रे वाली खादों जैसे नैनो यूरिया, नैनो जिंक एवं इफको सागारिका के 35-50 दिन की फसल में स्प्रे से यूरिया की तुलना में अच्छी बड़वार होती है। स्प्रे के लिये नैनो यूरिया 5 मिली प्रति लि0, नैनो डीएपी 3-5 मिली प्रतिली0, सागारिका 5 मिली प्रति ली के प्रयोग से फसल की शानदार बड़वार होती है। पानी के साथ यूरिया घोलकर डालने से लाभदायक केंचुआ खेत में सक्रिय नही रहते हैं फलस्वरूप अधिक खाद डालनी पड़्ती है।
कार्यक्रम में किसान राजेश कुमार सक्सेना, अब्बास अली, मुस्लिम अली, मुनीफ एवं प्रेमपाल सहित 65 किसानों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया।

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