“रेल की रफ़्तार बढ़ी, पर प्रतापगढ़ की शिक्षा अब भी पटरी से बाहर!”
प्रतापगढ़ में रेल की रफ़्तार तो बढ़ रही है, पर शिक्षा की रफ़्तार क्यों रुकी हुई है?"
आज हर राजनीतिक दल Amrit Bharat Express के नाम पर शो-ऑफ कर रहा है — पोस्टर, बैनर, स्वागत, भाषण। लेकिन जब बात आती है विश्वविद्यालय, कॉलेज, या तकनीकी संस्थान की, तो सबकी जुबान पर ताले लग जाते हैं।
रेल से विकास तभी सार्थक होगा जब युवा को शिक्षा और रोज़गार मिले।
प्रतापगढ़ के छात्रों को आज भी उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है — लखनऊ, प्रयागराज या वाराणसी।
क्या यह जिला सिर्फ़ राजनीतिक मंच बनकर रह जाएगा या शैक्षणिक पहचान भी पाएगा?
अब वक्त है कि नेता सिर्फ़ ट्रेन की रफ़्तार नहीं, ज्ञान की रफ़्तार भी बढ़ाएँ।
Er Imtiyaj khan