बाल संप्रेषण गृह में माटी कला प्रशिक्षण फिर शुरू कराने की मांग, अविनाश देव ने कल्पना सोरेन से की मुलाकात
बाल संप्रेषण गृह में रह रहे किशोरों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से माटी कला प्रशिक्षण केंद्र को फिर से शुरू कराने की मांग तेज हो गई है। इसी कड़ी में शिक्षाविद, समाजसेवी एवं युवा झामुमो नेता अविनाश देव ने झारखंड विधानसभा परिसर में महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन से मुलाकात कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
मुलाकात के दौरान अविनाश देव ने उन्हें अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि बाल संप्रेषण गृह में रह रहे किशोरों को माटी कला का प्रशिक्षण देना उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि किशोरों को कुल्हड़, दीपक, कप, प्लेट, ग्लास और अन्य क्रॉकरी सामग्री बनाने का कौशल सिखाया जाए, तो वे संस्थान से बाहर आने के बाद स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की पहल न केवल किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगी, बल्कि पलायन को रोकने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
अविनाश देव ने जानकारी दी कि वर्ष 2022 में तत्कालीन उपायुक्त के प्रयास से बाल संप्रेषण गृह में माटी कला प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई थी, जहां कई किशोरों ने प्रशिक्षण लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। हालांकि, बाद में यह केंद्र बंद हो गया।
उन्होंने मांग की कि इस प्रशिक्षण केंद्र को पुनः संचालित कर स्थायी स्वरूप दिया जाए, ताकि सुधारगृह केवल संरक्षण का केंद्र न रहकर कौशल विकास और पुनर्वास का सशक्त माध्यम बन सके। इस पहल से किशोरों को नई दिशा मिलने के साथ-साथ समाज में सम्मानजनक पहचान बनाने का अवसर भी प्राप्त होगा।