खनिज विभाग की "कुंभकर्णी नींद" में रेत माफिया मालामाल, कोलमी में नियम-कानून तार-तार*
मध्य प्रदेश
*अनूपपुर/फुनगा।* जिला अनूपपुर के उपतहसील फुनगा अंतर्गत ग्राम कोलमी में विगत एक माह से रेत का अवैध उत्खनन एवं कालाबाजारी का खेल जोरों पर है। रेत ठेकेदार द्वारा नियम-कानून को ताक पर रखकर दिन-रात बेखौफ तरीके से जेसीबी-पोकलेन मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है।
*स्वीकृत खदान छोड़, 200 मीटर दूर सेंधमारी*
उल्लेखनीय है कि ग्राम मोहरी, सोन नदी पर रेत खदान शासन द्वारा विधिवत स्वीकृत है। परंतु रेत ठेकेदार के हौसले इतने बुलंद हैं कि उसने स्वीकृत खदान की सीमांकन सीमा छोड़कर ग्राम कोलमी के राजस्व क्षेत्र में लगभग 200 मीटर अंदर घुसकर 20-25 फीट गहरा उत्खनन प्रारंभ कर दिया है। प्रतिदिन रात्रि में 50-60 ओवरलोड हाईवा डंपरों से अवैध रेत का परिवहन कर शासन को लाखों रुपए के राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही है।
*खनिज विभाग की संदिग्ध भूमिका, फोन नहीं उठते, व्हाट्सएप भी बेअसर*
ग्रामीणों में चर्चा है कि उक्त अवैध उत्खनन खनिज विभाग की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल नंबरों पर कॉल करने पर फोन रिसीव नहीं किए जाते। थक-हारकर दिनांक 25/04/2026 को एक जागरूक ग्रामीण द्वारा खनिज विभाग के मोबाइल नंबर 7748800182 पर व्हाट्सएप के माध्यम से फोटो एवं वीडियो सहित पूर्ण विवरण भेजकर अवगत कराया गया।
*चार दिन बाद भी "मौके पर नहीं पहुंचे" अधिकारी, CM हेल्पलाइन बना सहारा*
अत्यंत खेद का विषय है कि सूचना प्रेषित किए जाने के 72 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी दिनांक 28/04/2026 तक खनिज विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है। विभाग की इस "कुंभकर्णी नींद" और उदासीनता से व्यथित होकर ग्रामीणों ने अंततः सीएम हेल्पलाइन क्रमांक 38008289 पर शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है।
*जनता पूछ रही सवाल*
1. जब स्वीकृत खदान की सीमा स्पष्ट है, तो 200 मीटर बाहर उत्खनन पर खनिज अमले की नजर क्यों नहीं पड़ी?
2. क्या व्हाट्सएप पर भेजे गए फोटो-वीडियो सबूत विभाग के लिए पर्याप्त नहीं हैं?
3. सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद भी क्या खनिज विभाग अपनी "गहरी नींद" से जागेगा?
*परिणाम:* अवैध उत्खनन से सोन नदी की पारिस्थितिकी नष्ट हो रही है, ग्राम कोलमी का भू-जल स्तर नीचे गिरने से पेयजल संकट गहरा गया है, तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की CC सड़क भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त हो रही है। रात्रिकालीन अवैध गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का वातावरण व्याप्त है।
*अब देखना यह है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायत क्रमांक 38008289 पर खनिज विभाग के अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं, या फिर रेत माफिया इसी तरह शासन के राजस्व को चूना लगाकर मालामाल होता रहेगा।*