झारखंड में ट्रक-बस से खुलेआम रंगदारी वसूली का आरोप, जांच की उठी मांग
झारखंड में इन दिनों ट्रक और बस चालकों से कथित तौर पर खुलेआम रंगदारी वसूली का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई परिवहन चालकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़कों पर अवैध वसूली का नेटवर्क सक्रिय है, जिससे न सिर्फ परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि राज्य की छवि भी खराब हो रही है।
क्या हैं आरोप?
बताया जा रहा है कि राज्य के विभिन्न हाईवे और चेकपोस्ट पर कुछ असामाजिक तत्व जबरन पैसे की मांग कर रहे हैं। ट्रक और बस ड्राइवरों का कहना है कि बिना पैसे दिए उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया जाता। इससे माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों पर असर पड़ रहा है।
ड्राइवरों की परेशानी
कई ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें हर दिन अलग-अलग जगहों पर पैसे देने पड़ते हैं, जिससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ता है। कुछ ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर धमकी और मारपीट का डर बना रहता है।
प्रशासन पर सवाल
इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो इन पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी में कमी है या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत का मामला है—यह भी जांच का विषय बन गया है।
जांच की मांग तेज
सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकती है।
क्या हो सकता है समाधान?
हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए
सीसीटीवी और डिजिटल निगरानी को मजबूत किया जाए
हेल्पलाइन नंबर जारी कर ड्राइवरों की शिकायत तुरंत दर्ज की जाए
दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
निष्कर्ष
झारखंड जैसे खनिज संपन्न और औद्योगिक राज्य में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। यदि वाकई रंगदारी वसूली हो रही है, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि राज्य की साख से जुड़ा मुद्दा भी है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार और प्रशासन तुरंत संज्ञान लेकर पारदर्शी जांच कराए और दोषियों को कड़ी सजा दे।
आपकी क्या राय है? क्या आपने या आपके जानने वालों ने ऐसी घटना का सामना किया है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।