इश्क़-ए-रसूल ﷺ के रंग में रंगा जलगांव, नातिया मुशायरे ने बांधा समां
जलगांव:(शाह एजाज़ गुलाब) शहर में 21 अप्रैल 2026 मंगलवार को आलमी यौमे दरूद-ए-शरीफ़ के मौके पर एक भव्य नातिया मुशायरा और महफ़िल-ए-दरूद-ओ-तसव्वुफ़ का आयोजन फातमा नगर मे किया गया इस रूहानी कार्यक्रम की सदारत सूफ़ी हज़रत हकीम अल्लामा उस्मान जोहरी साहब ने की महफ़िल की शुरुआत दरूद-ओ-सलाम की पाक सदाओं से हुई, जिसने पूरे माहौल को अकीदत और रूहानियत से भर दिया अपने सदारती खिताब में उस्मान जोहरी साहब ने कहा कि जब अल्लाह तआला और उसके फ़रिश्ते भी हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ पर दरूद भेजते है तो उम्मत के लिए भी यह बेहद जरूरी है कि वह इस अमल को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाए। उन्होंने मौजूदा हालात पर बात करते हुए इंसानियत, भाईचारे और हुकूक़-उल-इबाद के पालन पर भी ज़ोर दिया मुशायरे में कई शहरो से आए शायरों ने अपने नातिया कलाम पेश कर महफ़िल को रौशन कर दिया अशफ़ाक़ निज़ामी, अनीस कैफ़ी, अख़लाक़ , माइल पालधवी,निज़ामी, मिर्ज़ा नदीम बेग और हाफ़िज़ मुश्ताक साहिल समेत अन्य शायरों ने इश्क़-ए-रसूल ﷺ में डूबी हुई शायरी पेश की जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे और पूरा माहौल मोहब्बत और अकीदत से गूंज उठा
कार्यक्रम का संचालन साबिर आफ़ाक़ ने बेहद खूबसूरत और अनुशासित अंदाज़ में किया जिससे महफ़िल की गरिमा बनी रही अंत में कार्यक्रम के संयोजक अकील ख़ान ब्यावली ने सभी मेहमानों, शायरों और उपस्थित लोगों का दिल से शुक्रिया अदा किया इस मौके पर मुश्ताक बहेश्ती और फरहान अंसारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे जबकि कई पत्रकार और समाजसेवी भी कार्यक्रम में शामिल हुए कार्यक्रम के अंत में दावत-ए-तआम(भोजन) का आयोजन किया गया था यह महफ़िल इश्क़-ए-रसूल ﷺ, सूफ़ियाना सोच और आपसी भाईचारे का एक खूबसूरत संगम साबित हुई जिसने हर दिल को रूहानी सुकून से भर दिया