बढ़ती गर्मी के बीच वन विभाग सतर्क: लैंसडौन प्रभाग में अलर्ट, चेलुसैंण-द्वारीखाल का सघन निरीक्षण
“जरा सी लापरवाही बन सकती है बड़ी आपदा”—अधिकारियों ने कर्मचारियों को दिए सख्त निर्देश
पौड़ी गढ़वाल। गर्मी के बढ़ते तेवर और संभावित वनाग्नि के खतरे को देखते हुए लैंसडौन वन प्रभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में दिनांक 27 अप्रैल 2026 को उप प्रभागीय वनाधिकारी, भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन द्वारा चेलुसैंण रेंज के चेलुसैंण क्रू स्टेशन एवं द्वारीखाल क्रू स्टेशन का सघन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई, जहां सभी कर्मचारी और फायर वाचर अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात पाए गए। यह दर्शाता है कि विभाग न केवल कागजों में बल्कि जमीनी स्तर पर भी सक्रियता से कार्य कर रहा है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि बढ़ता तापमान वनाग्नि के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने कहा कि “इस मौसम में छोटी सी चिंगारी भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए हर कर्मचारी को 24 घंटे सतर्क रहना होगा।” अधिकारियों ने नियमित फायर गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वहीं, चेलुसैंण रेंज के कार्यालय प्रभारी कुलवीर रावत ने निरीक्षण के दौरान जानकारी दी कि वर्तमान समय में क्षेत्र में आग लगने की कोई घटना नहीं हुई है और हालात पूरी तरह सामान्य एवं शांतिपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम निरंतर क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है और हर संभावित खतरे पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग की यह सक्रियता न केवल संभावित वनाग्नि को रोकने में सहायक साबित होगी, बल्कि स्थानीय लोगों में भी विश्वास और सुरक्षा का माहौल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गर्मी के इस संवेदनशील दौर में विभाग की सतर्कता ही जंगलों और पर्यावरण की सबसे बड़ी सुरक्षा कवच बनकर उभर रही है।