शादी से लौटते वक्त मौत का कहर! एक ही बाइक पर सवार तीन दोस्तों में दो की दर्दनाक मौत, एक जिंदगी से जंग लड़ रहा
बेगूसराय जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शादी की खुशियों के बीच घर लौट रहे तीन दोस्तों के लिए यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। इस हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
घटना चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के पंचमुखी मंदिर के पास देर रात की बताई जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तीनों युवक—कृष्ण कुमार, रेनू कुमार और प्रिंस कुमार—एक ही गांव के रहने वाले थे और आपस में घनिष्ठ मित्र थे। तीनों एक शादी समारोह में शामिल होकर देर रात बाइक से अपने घर लौट रहे थे।
बताया जाता है कि रात करीब 3 बजे के आसपास जब वे पंचमुखी मंदिर के पास पहुंचे, तो सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। अंधेरे और संभवतः तेज रफ्तार के कारण बाइक का संतुलन अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ी और तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा इतना भयानक था कि कृष्ण कुमार और रेनू कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं प्रिंस कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
घायल प्रिंस कुमार ने होश में आने के बाद बताया,
“हम लोग शादी से लौट रहे थे। सड़क पर काफी अंधेरा था। अचानक बाइक का हैंडल हिलने लगा और हम लोग गिर गए। कुछ समझ में नहीं आया कि क्या हुआ।”
सूचना मिलते ही चेरिया बरियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घायल प्रिंस कुमार को भी तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
जैसे ही इस हादसे की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। मृतकों के घरों में मातम छा गया। परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। जिन घरों में कुछ घंटे पहले खुशी का माहौल था, वहां अब सन्नाटा और आंसू ही नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, तीनों युवक मिलनसार और खुशमिजाज स्वभाव के थे। एक साथ उठना-बैठना और हर कार्यक्रम में साथ जाना उनकी पहचान थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि एक ही हादसा दो परिवारों को उजाड़ देगा।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचमुखी मंदिर के पास अक्सर अंधेरा रहता है, जिससे पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
एक ही बाइक पर तीन लोगों का सफर
देर रात तेज रफ्तार
सड़क पर पर्याप्त रोशनी की कमी
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर हेलमेट का इस्तेमाल और ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाता, तो शायद इस हादसे की भयावहता कम हो सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
यह दर्दनाक घटना न सिर्फ दो परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।