विश्वविद्यालय रसायनशास्त्र विभाग में स्थापित डॉ नीलांबर चौधरी चेयर द्वारा विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में प्रथम व्याख्यान आयोजित
विश्वविद्यालय रसायनशास्त्र विभाग में स्थापित डॉ नीलांबर चौधरी चेयर द्वारा विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में प्रथम व्याख्यान आयोजित
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर रसायनशास्त्र विभाग में स्थापित डॉ नीलांबर चौधरी पीठ के द्वारा आयोजित होने वाले ''प्रो नीलांबर चौधरी मेमोरियल व्याख्यानमाला" के अंतर्गत आज प्रथम व्याख्यान का विभागाध्यक्ष प्रो दिलीप कुमार चौधरी की अध्यक्षता में विभाग के सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य व्याख्यान कर्ता के रूप में नाइपर, रायबरेली के प्रो निहार रंजन, स्वागत कर्ता प्रो संजय कुमार चौधरी, विशिष्ट वक्ता के रूप में पीआरओ डॉ आर एन चौरसिया, विभागीय प्राध्यापक डॉ अभिषेक राय, डॉ सोनू राम शंकर, डॉ अनीन्द्र शर्मा, डॉ मोनी शर्मा एवं भौतिकी के प्राध्यापक डॉ दीपक कुमार के साथ ही सैकड़ों- शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। प्रारंभ में प्रो नीलांबर चौधरी के चित्र पर अतिथियों एवं छात्रों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित किया गया, जबकि व्याख्यान का प्रारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर एवं मिथिला पेंटिंग से किया गया।
विज्ञान संकायाध्यक्ष सह चेयर के निदेशक प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने रसायनशास्त्र विभाग में इस चेयर की स्थापना हेतु कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं रुचि लेकर प्रक्रियाओं के द्वारा रसायन विभाग में इस चेयर की स्थापना करवायी है, जिसके माध्यम से हर वर्ष बेहतरीन छात्र-छात्रा को प्रमाण पत्र, मेडल तथा पारितोषिक राशि देने की व्यवस्था की गई है। शोध कार्य करने वाले छात्रों को भी यह पीठ पूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन करेगा। ऐसे विशिष्ट व्याख्यानों से छात्रों को व्यापक ज्ञान प्राप्त होता है तथा उन्हें शोध कार्य में भी काफी मदद मिलती है। उन्होंने प्रो नीलांबर चौधरी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व का विस्तार से परिचय देते हुए कहा कि वे मधुबनी के बसैठ गांव में स्वतंत्रता सेनानी परिवार में जन्म लेकर पढ़ाई- लिखाई की एवं इनोर्गेनिक केमिस्ट्री के शिक्षक बने। वे संघर्ष करते हुए आगे बढ़े और हमेशा कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुशासित शिक्षक के रूप में छात्रों को सरल भाषा में विषय वस्तु को समझते थे और विशेष रूप से निर्धन छात्रों को काफी मदद करते थे। बिहार विधान परिषद् के सदस्य तथा बिहार विश्वविद्यालय, मिथिला विश्वविद्यालय एवं संस्कृत विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य के रूप में हमेशा शिक्षक- कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं की समस्याओं को मुखरता से उठाया।
मुख्य वक्ता प्रो निहार रंजन ने एन एम आर स्पेक्ट्रोस्कोपी द्वारा छोटे अणुओं के विश्लेषण पर अपने विचार व्यक्त किया। वे इस तकनीक के मूल सिद्धांतों को सरल ढंग से विस्तार से समझाया और इसके वैज्ञानिक महत्त्वों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस एन एम आर तकनीक का उपयोग वर्तमान समय में फॉरेंसिक विश्लेषण में भी किया जा रहा है, जिससे अधिकांश मामलों के समाधान में काफी सहायता मिलती है।
विशिष्ट वक्ता डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि कहां की प्रो नीलांबर सरल, सहज, विद्वान एवं मिलनसार व्यक्ति थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा एवं समाजसेवा के लिए समर्पित किया। स्थापित चेयर उनके सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य करेगा। मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनके साथ बहुत समय बिताने का सुअवसर मिला।
अपर्णा झा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में स्वागत संबोधन विभाग के वरीय शिक्षक प्रो संजय कुमार चौधरी ने किया। उन्होंने प्रो नीलांबर चौधरी को नमन करते हुए कहा कि वे छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षक-कर्मचारियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। हम लोग मिलकर उनके सपनों को साकार करें। इस अवसर पर सत्र 2024-26 एवं 2025-27 में सर्वाधिक वर्गोपस्थित दर्ज करा रहे दर्जनों छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सोनू रामशंकर ने किया।