इंदौर पेंटहाउस विवाद: इंजीनियर की मौत के बाद अब बीमा कंपनी पर 5.65 करोड़ का दावा
📍 इंदौर।
लसूड़िया थाना क्षेत्र में पेंटहाउस विवाद के दौरान हुई महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक की दर्दनाक मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। घटना के कुछ समय बाद अब मृतका के परिजनों ने अधिवक्ता अरुण त्रिपाठी के माध्यम से वाहन मालिक के साथ-साथ बीमा कंपनी को भी पक्षकार बनाते हुए 5 करोड़ 65 लाख रुपये का मुआवजा दावा पेश किया है।
⚡ पुराना विवाद: किराये से शुरू हुई तनातनी
समृद्धि एन्क्लेव की इस घटना की जड़ें उस विवाद में हैं, जो पेंटहाउस को शॉर्ट-टर्म रेंट (Airbnb) पर देने को लेकर शुरू हुआ था।
सोसायटी के रहवासी बाहरी लोगों की लगातार आवाजाही और सुरक्षा को लेकर नाराज थे, जिस पर कई बार आपत्तियां भी दर्ज की गई थीं।
🔥 विवाद ने लिया हिंसक रूप
घटना वाले दिन बिजली कटौती को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
पहले बहस हुई, फिर विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
🚗 कार बनी मौत की वजह
इसी दौरान आरोप है कि एक युवक ने गुस्से में कार दौड़ा दी, जिससे वहां मौजूद लोगों को टक्कर लगी।
इसमें इंफोसिस में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
👮 पुलिस कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी युवक और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया, जिससे यह मामला शहर में चर्चा का केंद्र बन गया।
💰 अब मुआवजे की लड़ाई: बीमा कंपनी भी घिरी
ताजा घटनाक्रम में मृतका के परिजनों ने कोर्ट में दावा पेश करते हुए कहा है कि शंपा पाठक परिवार की प्रमुख कमाऊ सदस्य थीं।
उनकी आय, उम्र और भविष्य की संभावनाओं को आधार बनाते हुए 5.65 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा गया है।
इस दावे में खास बात यह है कि
👉 वाहन मालिक के साथ-साथ बीमा कंपनी को भी जिम्मेदार ठहराया गया है,
ताकि दुर्घटना से जुड़े बीमा प्रावधानों के तहत परिवार को उचित क्षतिपूर्ति मिल सके।
❗ बड़े सवाल फिर खड़े
क्या रेसिडेंशियल एरिया में शॉर्ट-टर्म रेंटिंग पर सख्त नियम जरूरी हैं?
सोसायटी विवाद समय रहते सुलझाए क्यों नहीं जाते?
क्या बीमा कंपनियां ऐसे मामलों में तुरंत राहत देने की व्यवस्था कर पा रही हैं?