पाकिस्तान: अस्पताल की लापरवाही ने उजाड़ी मासूमों की दुनिया, 331 बच्चे HIV पॉजिटिव
ताउंसा, पाकिस्तान: चिकित्सा जगत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक घटना पाकिस्तान से सामने आई है। यहाँ के एक सरकारी अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण 331 मासूम बच्चे HIV (एड्स) जैसी लाइलाज बीमारी का शिकार हो गए हैं। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक 8 साल के मासूम बच्चे की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई।
कैसे हुआ खुलासा?
रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब प्रांत के ताउंसा स्थित एक अस्पताल में इलाज के लिए आए बच्चों में अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखी जाने लगीं। जब एक 8 साल के बच्चे की मौत हुई, तो उसके मेडिकल टेस्ट में वह HIV पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद जब अन्य बच्चों की जांच शुरू हुई, तो आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ा दिए। अब तक की जांच में 331 बच्चे इस संक्रमण की चपेट में पाए गए हैं।
जांच में चौंकाने वाली सच्चाई
एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस (BBC) की 'अंडरकवर' जांच और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट में इस त्रासदी के पीछे की मुख्य वजह अस्पताल की लापरवाही को बताया गया है। जांच में सामने आया कि:
सीरिंज का दोबारा इस्तेमाल: अस्पताल में एक ही सीरिंज (सुई) से कई बच्चों को इंजेक्शन लगाए जा रहे थे।
संक्रमित ड्रिप और उपकरण: चिकित्सा मानकों को ताक पर रखकर दूषित उपकरणों का उपयोग किया गया।
अप्रशिक्षित स्टाफ: अस्पताल के कुछ कर्मचारी और स्वयंसेवक बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के बच्चों का इलाज कर रहे थे।
मदद की गुहार और परिजनों का गुस्सा
पीड़ित बच्चों के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। कई परिवारों ने आरोप लगाया है कि वे अपने बच्चों को सामान्य बुखार या छोटी-मोटी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल लाए थे, लेकिन अस्पताल ने उन्हें उम्र भर का दर्द दे दिया। हैरानी की बात यह है कि संक्रमित बच्चों की माताओं की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जिससे यह साफ हो गया है कि संक्रमण जन्मजात नहीं बल्कि अस्पताल की गंदगी और लापरवाही के कारण फैला है।
प्रशासनिक कार्रवाई
मामला गरमाने के बाद पाकिस्तान की प्रांतीय सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है। अस्पताल के कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए इस अपराध की भरपाई केवल कागजी कार्रवाई से नहीं हो सकती।
रिपोर्ट: सुनील अहिरवार