गिरिडीह: गुपचुप खाने से फूड प्वाइजनिंग, एक बच्चे की मौत, दर्जनों बीमार
गिरिडीह। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बजटो गांव में दूषित गुपचुप (पानी-पूरी) खाने से बड़े पैमाने पर फूड प्वाइजनिंग की घटना सामने आई है। इस दुखद हादसे में एक 6 वर्षीय बच्चे, रंजन कुमार, की मौत हो गई है, जबकि करीब 45 लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम को गांव में एक गुपचुप विक्रेता आया था। गांव के बच्चों और महिलाओं सहित कई लोगों ने उससे गुपचुप खाया। रात से ही कुछ लोगों को बेचैनी महसूस होने लगी और रविवार सुबह होते-होते स्थिति गंभीर हो गई। पीड़ितों को लगातार उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत होने लगी। स्थिति बिगड़ते देख ग्रामीणों ने आनन-फानन में सभी को सदर अस्पताल पहुंचाया।
प्रशासनिक सक्रियता
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह उपायुक्त (DC) नमन प्रियेश लकड़ा और सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हाल जाना।
इलाज: वर्तमान में 18 लोगों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि कुछ अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल मरीजों की स्थिति सामान्य है।
जांच: उपायुक्त ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि गर्मी के कारण बासी खाद्य सामग्री के उपयोग से यह संक्रमण फैला है।
पुलिस की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि गुपचुप विक्रेता पालमो का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। मुफस्सिल थाना पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। प्रशासन ने क्षेत्र के अन्य विक्रेताओं को भी सतर्क रहने और स्वच्छता का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क विक्रेताओं की जांच की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर खाद्य सामग्री बेचने वाले हॉकर्स और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के सामानों की नियमित जांच की जाए। झामुमो के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
सावधानी नोट: गर्मी के मौसम में बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से बचें और दूषित पानी या बासी भोजन के सेवन से परहेज करें। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।