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भक्ति की बयार: शाहपुर पटोरी की पुरानी बाजार ठाकुरबाड़ी में प्रभु राम की प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन ।

शाहपुर पटोरी (समस्तीपुर): नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 20, पुरानी बाजार स्थित श्री राम-जानकी ठाकुरबाड़ी इन दिनों भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर है। लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में रही इस ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी के कायाकल्प के बाद अब यहाँ भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। आगामी 26 अप्रैल से 2 मई तक चलने वाले इस सप्तदिवसीय महायज्ञ ने पूरे क्षेत्र को 'राममय' बना दिया है।

एक समय था जब यह ठाकुरबाड़ी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही थी, लेकिन क्षेत्र के उत्साही युवाओं की टोली ने इसे पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया।
धीरज कुमार, प्रभु कुमार, उज्जवल तिवारी, राम प्रकाश चौबे, विक्रम कुमार,संजीव पहलवान, पंकज, चंदन, बिट्टू, राजा, विक्की और संजीव जैसे युवाओं के कठिन परिश्रम और अटूट लगन का ही परिणाम है कि आज पुरानी बाजार की रौनक लौट आई है। इन युवाओं ने न केवल श्रमदान किया, बल्कि घर-घर जाकर लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ा।

प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का कार्यक्रम अत्यंत भव्य रूप से तैयार किया गया है:

27 अप्रैल:-सुबह 6:30 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 251 कुंवारी कन्याएं क्षेत्र भ्रमण कर जल बोझेंगी।

28 अप्रैल:-विधि-विधान के साथ देवपूजन का शुभारंभ होगा।

30 अप्रैल:-प्रभु की भव्य रथ यात्रा (नगर भ्रमण) निकाली जाएगी, जिससे पूरा पटोरी रामजी के स्वागत में उमड़ पड़ेगा।

1 मई:-मुख्य कार्यक्रम 'मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा' संपन्न होगा।

2 मई:-भजन-कीर्तन के साथ महायज्ञ का समापन होगा।

विशेष आकर्षण: प्रतिदिन शाम 7 बजे से भव्य 'रामलीला' का आयोजन किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य केंद्र होगा।

इस महायज्ञ की सफलता में पुरानी बाजार के स्थानीय दुकानदारों और आम जनता ने अपना दिल खोलकर आर्थिक सहयोग दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ है। युवाओं के इस जोश को सही दिशा देने में समाज के बुजुर्गों का संरक्षण भी काफी मजबूत रहा है। उमेश प्रसाद यादव और संपूर्णानंद ठाकुर जी के कुशल मार्गदर्शन और सहयोग ने इस यज्ञ को सफल बनाने में रीढ़ की हड्डी का काम किया है।

रौनक और मेले का माहौल
ठाकुरबाड़ी के आसपास के परिसर को पूरी तरह स्वच्छ कर सजाया गया है। सात दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में बच्चों के मनोरंजन के लिए भव्य मेला और झूले भी लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों में अपार हर्ष का माहौल है क्योंकि अब प्रभु राम को एक स्थायी और भव्य 'छत' मिल गई है, जिससे आने वाले समय में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में काफी सहूलियत होगी।

राम-जानकी ठाकुरबाड़ी का यह जीर्णोद्धार शाहपुर पटोरी की एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। जब समाज के युवा और बुजुर्ग एक साथ मिलकर अपनी धरोहरों को सहेजने का संकल्प लेते हैं, तो ऐसे ही 'भक्ति-पथ' का निर्माण होता है।

"प्रभु के धाम की रौनक लौटी, युवाओं ने ठाना था,पुरानी बाजार की गलियों में, फिर गूँजा राम का गाना था।"

मनीष सिंह
शाहपुर पटोरी
@ManishSingh_PT

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