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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने 34.31 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया

देवेश आर्य : मण्डी हिमाचल प्रदेश ।
शिमला, 26 अप्रैल 2026:

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम से डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के लिए 34.31 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

उन्होंने औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी (हमीरपुर) में 3.63 करोड़ रुपये की लागत से बने 107 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावास तथा ताबो स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नेरी और खग्गल (हमीरपुर) में 50-50 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल तथा नौणी (सोलन) स्थित मुख्य परिसर में 100 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का शिलान्यास भी किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती हिमाचल प्रदेश का भविष्य है और इसे बढ़ावा देने में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि राज्य में दो लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं, जिनमें से लगभग 1.98 लाख को प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य की 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और करीब 53.95 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकार किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक उत्पादों के लिए प्रदेश देश में सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रहा है। इस वर्ष गेहूं का मूल्य 80 रुपये, मक्की 50 रुपये, पांगी की जौ 80 रुपये और हल्दी 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। साथ ही अदरक को पहली बार 30 रुपये प्रति किलोग्राम के समर्थन मूल्य में शामिल किया गया है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेश्वर चंदेल, आईसीएआर के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. आर.के. सिंह, रजिस्ट्रार सिद्धार्थ आचार्य सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।



रिपोर्ट: देवेश आर्य, मण्डी (हिमाचल प्रदेश)

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