* भोलगढ़ के जंगल में हाथी का तांडव: महिला की दर्दनाक मौत, पति-पुत्र गंभीर घायल*
*सब-हेड: वन विभाग ने 7 गांवों में जारी किया अलर्ट, मृतका के परिजनों को मिलेगी ₹6 लाख अनुग्रह राशि*
मध्य प्रदेश/अनूपपुर
जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ गांव के जंगल में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत से घर लौट रहे परिवार पर जंगल में विचरण कर रहे जंगली हाथी ने अचानक हमला बोल दिया। हाथी के हमले में 30 वर्षीय महिला प्रेमवती पाव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके 32 वर्षीय पति राममनोज पाव और 6 वर्षीय पुत्र अंकित पाव गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोलगढ़ निवासी समयलाल पाव का खेत चटुआ गांव के पास जंगल में स्थित है। रविवार दोपहर करीब 3 बजे समयलाल का परिवार खेत से काम निपटाकर जंगल के रास्ते भोलगढ़ लौट रहा था। इसी दौरान जंगल की पगडंडी के पास खड़े एक हाथी ने अचानक परिवार पर हमला कर दिया। हाथी ने प्रेमवती पाव को सूंड से उठाकर पटक दिया और कुचल डाला, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। हमले में राममनोज पाव और मासूम अंकित भी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल भोलगढ़ गांव लाया गया। वहां से निजी ऑटो वाहन द्वारा दोनों घायलों को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला को मारने के बाद भी हाथी काफी देर तक घटनास्थल के पास ही मंडराता रहा। ग्रामीणों के शोर मचाने और हो-हल्ला करने पर वह जंगल में आगे की ओर चला गया। वर्तमान में हाथी भोलगढ़ के जंगल में ही विचरण कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वन विभाग ने तत्काल भोलगढ़, चटुआ, खांड़ा, पौड़ी, मानपुर, बरबसपुर, सोनटोला सहित हाथी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय जंगल की ओर न जाने, समूह में रहने और हाथी दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।
*नियमानुसार मिलेगी सहायता राशि*
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन की मानव-वन्यजीव संघर्ष राहत योजना 2023 के तहत मृतका के परिजनों को ₹6 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को उपचार हेतु ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। तहसीलदार द्वारा तत्काल ₹50,000 की अंत्येष्टि सहायता राशि भी स्वीकृत की गई है।