नहीं रहे ...भारतीय महान फोटोग्राफर रघु राय।
प्रसिद्ध भारतीय फोटोग्राफर Raghu Rai ने 83 वर्ष की उम्र में भी अपनी कला के प्रति वही जुनून बरकरार रखा है, जिसने उन्हें दुनिया के शीर्ष फोटो जर्नलिस्ट्स में शामिल किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह लगातार सक्रिय हैं और अपने कैमरे के जरिए समाज, संस्कृति और मानवीय भावनाओं को नए नजरिए से कैद कर रहे हैं।
रघु राय, जो Magnum Photos के सदस्य रह चुके हैं, ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक और सामाजिक घटनाओं को दस्तावेज़ किया है—चाहे वह Bhopal Gas Tragedy हो या भारत की बदलती तस्वीर।
हाल ही में उन्होंने ग्रामीण भारत पर केंद्रित एक नई फोटो-सीरीज़ पर काम शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट में वे गाँवों की असली ज़िंदगी, परंपराओं और बदलते सामाजिक ढांचे को उजागर कर रहे हैं। उनका कहना है कि “भारत की आत्मा अभी भी गाँवों में बसती है, और वहीं सबसे सच्ची कहानियाँ मिलती हैं।”
83 साल की उम्र में भी उनकी ऊर्जा और जिज्ञासा युवाओं को प्रेरित करती है। रघु राय का मानना है कि फोटोग्राफी सिर्फ तस्वीर लेना नहीं, बल्कि समय को रोककर एक कहानी कहने की कला है।
उनकी यह निरंतर सक्रियता यह साबित करती है कि जुनून और समर्पण के आगे उम्र महज़ एक संख्या है।