सिंगरौली में अवैध रेत खनन पर उठे सवाल, ठेकेदारों की मनमानी या प्रशासन की चुप्पी?
सिंगरौली में अवैध रेत खनन पर उठे सवाल, ठेकेदारों की मनमानी या प्रशासन की चुप्पी?
सिंगरौली संवाददाता
सिंगरौली जिले में अवैध रेत खनन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खनिज संपदा से समृद्ध सिंगरौली में जहां एक ओर संसाधनों की भरमार है, वहीं दूसरी ओर नियमों को दरकिनार कर खनन किए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
हाल ही में सहकार ग्लोबल कंपनी द्वारा टेंडर के माध्यम से रेत खनन का कार्य शुरू किया गया, लेकिन स्थानीय स्तर पर आरोप है कि यह काम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा। कई आवेदन भी जिम्मेदारो को दिया गया लेकिन यह जिम्मेदार अनदेखी की गई आरोपों के मुताबिक, स्वीकृत स्थलों के अलावा अन्य जगहों पर भी खनन किया जा रहा है, जिससे नियमों की अनदेखी और पर्यावरण को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में जब खनिज विभाग की अधिकारी आकांक्षा पटेल से सवाल किए गए, तो उनका मौखिक रूप से कहना था कि जिस स्थान पर पहले खनन हो रहा था, वहां रेत समाप्त हो चुकी है, इसलिए अन्य स्थान पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को साक्ष्य मानकर कार्रवाई नहीं की जा सकती।
वहीं, स्थानीय लोगों और समाज सेवियो का आरोप है कि खनिज विभाग की निष्क्रियता और कथित मिलीभगत के चलते अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह कारोबार संचालित हो रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई सीमित होकर रह गई है। इस पूरे मामले पर कम्युनिस्ट पार्टी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि सत्ता के दबाव में खनिज विभाग और ठेकेदार मिलकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे नदियों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है।
लगातार उठ रहे सवालों और विरोध के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और क्या अवैध खनन पर प्रभावी रोक लग पाती है या नहीं।