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प्रो. ए.के. दास को धीरज रमौल ने किया सम्मानित, अभ्युदय–2026 राष्ट्रीय सम्मेलन में मिला गौरवपूर्ण अवसर

दिल्ली। “भारतीय दृष्टिकोण के माध्यम से विकास की पुनर्कल्पना” विषय पर आयोजित अभ्युदय–2026 राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी एवं तेजपुर विश्वविद्यालय के प्रो-उपकुलपति प्रो. ए.के. दास को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभा वाणी इंडिया, हिमाचल प्रदेश राज्य शाखा के समन्वयक धीरज रमौल को उन्हें सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह सम्मेलन देश में स्थानीय, स्वदेशी एवं सतत विकास मॉडल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें विभा वाणी इंडिया, राष्ट्रीय नवाचार प्रतिष्ठान, उन्नत भारत अभियान, विज्ञान भारती, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के ग्रामीण विकास केंद्र तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्था सहित कई प्रतिष्ठित संस्थाओं का संयुक्त सहयोग रहा।
सम्मेलन का मुख्य विषय “आत्मनिर्भर और सतत ग्रामीण समृद्धि की ओर” रहा, जिसके अंतर्गत ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने, स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा स्वदेशी तकनीकों के माध्यम से विकास को गति देने पर विशेष बल दिया गया।
मुख्य सत्र में “आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु स्थानीय नवाचार तकनीकों की भूमिका” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में देशभर से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों ने भारतीय परिप्रेक्ष्य में विकास के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए।
इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. रंजना अग्रवाल (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद मुख्यालय) ने की, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में डॉ. वी.पी. सिंह उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिक एवं सलाहकार डॉ. धनंजय तिवारी ने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त आमंत्रित वक्ताओं में डॉ. योगेश सुमन और डॉ. विजय कुमार शर्मा सहित कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल रहे।
सम्मेलन में स्थानीय सतत विकास, स्वदेशी नवाचार, ग्रामीण आत्मनिर्भरता, जैविक खेती, जल संरक्षण तथा विज्ञान और तकनीक की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही ग्रामीण नवाचारों के सफल मॉडल प्रस्तुत किए गए तथा शोध पत्र प्रस्तुतियाँ, कार्यशालाएँ और विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें युवाओं और छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
इस अवसर पर धीरज रमौल ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय मंचों पर हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना अत्यंत गर्व की बात है। इससे स्थानीय स्तर पर नवाचार, आत्मनिर्भरता और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने प्रो. ए.के. दास के योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सम्मान प्राप्त करने पर प्रो. ए.के. दास ने आयोजकों एवं धीरज रमौल का आभार व्यक्त किया।
अभ्युदय–2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक ऐसा राष्ट्रीय मंच है जो स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक स्वदेशी, सशक्त और टिकाऊ विकास की दिशा तय करने का सार्थक प्रयास कर रहा है।

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