टाटानगर स्टेशन पर रेल यात्रियों का फूटा गुस्सा, हस्ताक्षर अभियान चलाकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध
जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रविवार को रेल यात्रियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लगातार ट्रेनों की लेटलतीफी, स्टेशन के आसपास ट्रेनों की धीमी रफ्तार और यात्रियों को हो रही भारी परेशानियों के खिलाफ रेल यात्री संघर्ष समिति के बैनर तले एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में रेल यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा रेलवे प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से टाटानगर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास ट्रेनों का परिचालन बेहद अव्यवस्थित हो गया है। यात्रियों का आरोप है कि महज 4 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेनों को 3 से 4 घंटे तक का समय लग रहा है। इस असामान्य देरी के कारण यात्रियों को भीषण गर्मी में ट्रेन के भीतर घंटों फंसे रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान यात्रियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि ट्रेन में सफर करना अब मुश्किल होता जा रहा है। समय पर गंतव्य तक पहुंचना लगभग असंभव हो गया है। कई यात्रियों ने कहा कि नौकरीपेशा लोग, छात्र, मरीज और व्यवसायी इस देरी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई बार जरूरी काम छूट जाते हैं और यात्रियों को मानसिक एवं शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
रेल यात्री संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता केवल ट्रेनों को किसी तरह आगे बढ़ाने तक सीमित रह गई है, जबकि यात्रियों की सुविधा, समय और सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। समिति का आरोप है कि रेलवे के पास ट्रेनों की देरी को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं है और न ही यात्रियों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब एक ट्रेन को स्टेशन से कुछ किलोमीटर आगे बढ़ने में कई घंटे लग रहे हैं, तो यह रेलवे की कार्यशैली और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यात्रियों ने यह भी कहा कि गर्मी के इस मौसम में ट्रेन के भीतर घंटों रुकना बेहद कष्टदायक है। पानी, हवा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा रही है।
हस्ताक्षर अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। इस दौरान पश्चिमी जमशेदपुर के विधायक Saryu Roy भी उपस्थित रहे। उन्होंने यात्रियों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए कहा कि रेलवे को यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।
समिति ने बताया कि इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों तक यात्रियों की समस्याओं को पहुंचाया जाएगा। साथ ही ट्रेनों के समयबद्ध संचालन, स्टेशन क्षेत्र में जाम की स्थिति खत्म करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।
रेल यात्री संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। यात्रियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध करना नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को प्रशासन तक पहुंचाना है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
टाटानगर जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर इस तरह की स्थिति ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि यात्रियों के इस विरोध और हस्ताक्षर अभियान के बाद रेलवे प्रशासन क्या कदम उठाता है और कब तक यात्रियों को इस समस्या से राहत मिलती है।