DRDO ने भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 25 अप्रैल, 2026 को डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में स्थित वाहन अनुसंधान एवं विकास स्थापना (VRDE) की प्रयोगशाला में "विक्रम VT21" नामक उन्नत बख्तरबंद प्लेटफॉर्म (ट्रैक्ड और व्हील्ड दोनों वेरिएंट) का अनावरण किया।
▪️प्रमुख विशेषताएं और तकनीक.
इन अत्याधुनिक वाहनों को आधुनिक युद्धक्षेत्र की जटिल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है:
▪️30 मिमी क्रूलेस टरेट: दोनों प्लेटफॉर्म स्वदेशी रूप से विकसित 30 मिमी क्रूलेस टरेट (चालक रहित गुंबद) से लैस हैं। इसमें 7.62 मिमी PKT गन भी शामिल है और इसे एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल लॉन्च करने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया है।
▪️उन्नत सुरक्षा: इन वाहनों में STANAG लेवल 4 और 5 की सुरक्षा दी गई है, जो इन्हें विस्फोटों (Blast) और बैलिस्टिक खतरों से सुरक्षित रखती है।
▪️उभयचर क्षमता (Amphibious): ये वाहन पानी में भी चलने में सक्षम हैं। इसमें बेहतर जल नेविगेशन के लिए हाइड्रो जेट्स का उपयोग किया गया है।
▪️शक्तिशाली इंजन: इनमें हाई-पावर इंजन और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है, जो रेगिस्तानों और उच्च ऊंचाई वाले कठिन क्षेत्रों में गतिशीलता सुनिश्चित करता है।
▪️आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम.
इन वाहनों का निर्माण टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और भारत फोर्ज लिमिटेड (BFL) जैसे औद्योगिक भागीदारों द्वारा कई MSMEs के सहयोग से किया गया है।
#badaunharpalnews #budaunharpal #badaunnews #badaunharpal #UttarPradeshNews #ujhani #temprature #tv #badaun #budaun #indianarmy #indiannavy #airforce #weapons #guns #tata #defence बदायूँ हर पल न्यूज़ @badaunharpalnews