आधी रात को धधका पानीपत का मॉल: मित्तल मेगा मॉल में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान — फायर सेफ्टी पर उठे बड़े सवाल
हरियाणा के पानीपत में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जब मित्तल मेगा मॉल अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में यह आग इतनी भयंकर हो गई कि मॉल के कई फ्लोर तक फैल गई और कई शोरूम जलकर खाक हो गए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत मॉल की बेसमेंट में स्थित एक जूते के शोरूम से हुई। बताया जा रहा है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की। बेसमेंट में भारी मात्रा में ज्वलनशील सामान—जैसे रबर, पैकिंग मटेरियल और कार्टन—मौजूद होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही हरियाणा अग्निशमन सेवा की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए पानीपत के अलावा आसपास के जिलों से भी फायर ब्रिगेड बुलाई गई। दमकल कर्मियों को मॉल के अंदर घुसने में काफी मुश्किलें आईं, क्योंकि धुएं का घनत्व बेहद अधिक था और विजिबिलिटी लगभग शून्य हो चुकी थी।
करीब 4 से 6 घंटे की लगातार मशक्कत, हाई प्रेशर वाटर जेट और विशेष उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस दौरान दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का काम किया। आग लगते ही मॉल के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग जान बचाकर बाहर भागते नजर आए। सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों ने तुरंत लोगों को बाहर निकालना शुरू किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन कुछ लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई। आग की चपेट में आने से मॉल के कई बड़े और छोटे शोरूम पूरी तरह जल गए। दुकानों में रखा महंगा सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और जूते जलकर राख हो गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। असली आंकड़ा जांच के बाद ही सामने आएगा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, आग की लपटें कई फीट ऊंची उठ रही थीं और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। कुछ लोगों ने बताया कि पहले हल्का धुआं दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे बेसमेंट को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना के बाद मॉल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों और लोगों का आरोप है कि मॉल में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे या वे सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। अगर समय रहते सुरक्षा सिस्टम सक्रिय होता, तो नुकसान कम हो सकता था। प्रशासन अब मॉल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा मानकों की जांच करने में जुट गया है। आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई हो सकती है। साथ ही शहर के अन्य मॉल और व्यावसायिक परिसरों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि बड़े व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।