आरजीवीएसवाई से हरित क्रांति: 4,000 हेक्टेयर में पौधरोपण लक्ष्य, 15,000 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
आरजीवीएसवाई से हरित क्रांति: 4,000 हेक्टेयर में पौधरोपण लक्ष्य, 15,000 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
शिमला, 25 अप्रैल 2026:
राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई राजीव गांधी वन संवर्धन योजना (आरजीवीएसवाई) के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 4,000 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें लगभग 15,000 महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
वन विभाग ने इस अभियान में 1,100 सामुदायिक समूहों को शामिल करने की योजना बनाई है। इनमें 60 प्रतिशत महिला समूह, 20 प्रतिशत युवा समूह और 20 प्रतिशत अन्य स्वयं सहायता समूह होंगे। इस योजना के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
पिछले वर्ष शुरू हुई इस योजना के तहत 300 महिला समूहों, 70 युवा समूहों और 75 स्वयं सहायता समूहों ने करीब 1,100 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया था। इस वर्ष लक्ष्य को और अधिक बढ़ाते हुए बड़े स्तर पर हरित आवरण विस्तार की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक समूह को प्रति हेक्टेयर 1.20 लाख रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि समूह 2 से 5 हेक्टेयर तक भूमि पर पौधरोपण कर सकते हैं। इसके साथ ही पौधों की जीवित रहने की दर के आधार पर प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान है। एक वर्ष बाद 50 प्रतिशत से अधिक पौधे जीवित रहने पर प्रत्येक दो हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।
यह पहल न केवल बंजर भूमि को हरित बनाने में सहायक साबित हो रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर भी पैदा कर रही है। साथ ही जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हरित आवरण को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में हरे पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे वन क्षेत्र में निरंतर वृद्धि हो रही है।
रिपोर्ट: देवेश आर्य, मण्डी (हिमाचल प्रदेश)