कर्मचारी का हक दबाने का आरोप: PF, वेतन और ग्रेच्युटी न देने पर कंपनी घिरी, मामला पहुंचा श्रम विभाग
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उत्तराखंड में श्रमिक अधिकारों से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। Flexituff Ventures International Limited कंपनी के खिलाफ कर्मचारी सुरेन्द्र कुमार ने अपने वैधानिक भुगतान न मिलने को लेकर श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत एडवोकेट उपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री, विश्व हिंदू रक्षा संगठन द्वारा करवाई गई है।
शिकायत के अनुसार, सुरेन्द्र कुमार, जो 01 नवंबर 2008 से कंपनी में कार्यरत थे, के कई वर्षों के बकाया भुगतान अब तक कंपनी द्वारा नहीं किए गए हैं।
👉 आरोपों के अनुसार:
₹1,52,496 PF (2022–2025) कंपनी द्वारा जमा नहीं किया गया
₹1,67,515 ग्रेच्युटी अब तक अटकी हुई है
फरवरी 2025 से सितंबर 2025 तक का ₹1,35,000 वेतन भी नहीं दिया गया
इससे कर्मचारी को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
⚠️ अवैध ले-ऑफ का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कंपनी ने सितंबर 2025 से बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के अवैध रूप से ले-ऑफ लागू कर रखा है, जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। इससे कर्मचारियों के अधिकारों का सीधा हनन हो रहा है।
⚖️ एडवोकेट उपेंद्र सिंह ने उठाया मुद्दा
इस पूरे मामले को एडवोकेट उपेंद्र सिंह द्वारा श्रम विभाग के समक्ष मजबूती से उठाया गया है। उन्होंने कहा है कि कर्मचारियों के साथ इस तरह का अन्याय किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
📜 कानूनी नजर से मामला गंभीर
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी पर निम्न कानूनों के उल्लंघन के आरोप बनते हैं:
PF अधिनियम, 1952
ग्रेच्युटी अधिनियम, 1972
वेतन भुगतान अधिनियम, 1936
औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947
👀 अब सबकी नजर प्रशासन पर
अब यह देखना अहम होगा कि श्रम विभाग, उत्तराखंड इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और कर्मचारी को कब तक उसका हक मिल पाता है।
📢 यह मामला तेजी से चर्चा में है—श्रमिक अधिकारों के समर्थन में इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।