PMO में दर्ज शिकायत पर बड़ी कार्रवाई: PF घोटाले में FIR दर्ज, हजारों मजदूरों को राहत की उम्मीद
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देश के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में दर्ज एक गंभीर श्रमिक शिकायत पर आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। एडवोकेट उपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री, विश्व हिंदू रक्षा संगठन द्वारा 20 अप्रैल 2026 को दर्ज कराई गई शिकायत में एक बड़ी कंपनी Flexituff Ventures International Limited पर करीब 2000 कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाया गया था।
शिकायत में बताया गया था कि कंपनी ने पिछले कई महीनों से कर्मचारियों का वेतन (Salary) नहीं दिया है, साथ ही ग्रेच्युटी (Gratuity) का भुगतान भी लंबित है। सबसे गंभीर आरोप यह था कि कंपनी ने करीब 3 वर्षों से कर्मचारियों का पीएफ (PF) जमा नहीं किया, जिससे कर्मचारियों का भविष्य पूरी तरह असुरक्षित हो गया। इसके अलावा, सितंबर 2025 से अवैध रूप से ले-ऑफ (Layoff) घोषित कर हजारों कर्मचारियों को बेरोजगार कर दिया गया।
एडवोकेट उपेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि श्रम विभाग और समाधान पोर्टल पर कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई। कई परिवार आर्थिक संकट के चलते भूखमरी और बेघर होने की कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है।
इस मामले में अब बड़ी अपडेट सामने आई है। पीएमओ में दर्ज शिकायत (रजिस्ट्रेशन नंबर: PMOPG/E/2026/0066100) पर 23 अप्रैल 2026 को कार्रवाई करते हुए Employees Provident Fund Organisation (EPFO) ने जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ उधम सिंह नगर के एसएसपी के समक्ष एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, पीएफ से संबंधित बकाया राशि की वसूली के बाद कर्मचारियों के खातों में पैसा जमा कराया जाएगा। हालांकि EPFO ने स्पष्ट किया है कि ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन जैसे अन्य मुद्दे उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आते, इसलिए इन्हें संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद अब हजारों प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। साथ ही यह मामला एक बड़े श्रमिक संकट और प्रशासनिक जवाबदेही का उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें उच्च स्तर पर हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई संभव हो सकी।
निष्कर्ष:
यह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि मानवीय संकट का रूप ले चुका था। अब एफआईआर दर्ज होने और जांच पूरी होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कर्मचारियों को उनका हक मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।