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⚡ स्मार्ट/प्रीपेड मीटर पर बड़ा फैसला: गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत


लखनऊ/जालौन।
प्रदेश में स्मार्ट/प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने बड़ा राहतभरा निर्णय लिया है। खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अब उन्हें रोज-रोज रिचार्ज कराने की परेशानी से काफी हद तक निजात मिलेगी।
बताया जा रहा है कि कई उपभोक्ता दैनिक आय पर निर्भर होने के कारण समय पर मीटर रिचार्ज नहीं कर पाते थे। साथ ही व्यस्त जीवनशैली के चलते बैलेंस चेक करना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा था। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए नई गाइडलाइन जारी की गई है।
📌 क्या हैं नए नियम?
👉 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
अब ऐसे उपभोक्ता 30 दिन के भीतर कभी भी मीटर रिचार्ज कर सकते हैं। इस दौरान उनकी बिजली सप्लाई नहीं काटी जाएगी। यानी यह व्यवस्था लगभग पोस्टपेड (मासिक बिल) जैसी हो गई है।
👉 प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड जैसा व्यवहार करेगा
1 किलोवाट तक के उपभोक्ता अब पहले की तरह महीने में एक बार भुगतान कर सकते हैं।
👉 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुविधा
यदि बैलेंस खत्म हो जाता है, तब भी 3 दिन या ₹200 तक निगेटिव बैलेंस होने तक बिजली चालू रहेगी।
👉 रविवार और छुट्टी के दिन नहीं कटेगी बिजली
किसी भी स्थिति में अवकाश वाले दिन बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।
👉 SMS से मिलेगा अलर्ट
बैलेंस कम होने पर उपभोक्ताओं को 5 बार SMS के जरिए चेतावनी दी जाएगी।
👉 रिचार्ज के बाद तुरंत सप्लाई बहाल
24×7 तकनीकी टीम तैनात की गई है ताकि रिचार्ज करते ही बिजली तुरंत चालू हो सके।
👉 नए स्मार्ट मीटर लगाने पर फिलहाल रोक
पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है। हालांकि, पहले से लगे मीटरों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता में रहेगा।
🌞 गर्मी में राहत देने की कोशिश
सरकार का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली से जुड़ी किसी भी परेशानी से लोगों को बचाने के लिए ऊर्जा विभाग लगातार काम कर रहा है।
👉 अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय-समय पर रिचार्ज करते रहें और किसी भी समस्या पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

रिपोर्ट
राजू पाटकार

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