शाहगंज की सियासत में उबाल: बसपा सम्मेलन में जुल्फकार अहमद गामा की उम्मीदवारी का ऐलान, विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं का भी झुकाव
शाहग के जौनपुर मार्ग स्थित अक्सखनराय के एक मैरिज हॉल में शुक्रवार की शाम आयोजित बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का कार्यकर्ता सम्मेलन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम साबित हुआ। सम्मेलन में उमड़ी भीड़, गूंजते नारे और मंच से हुए ऐलानों ने साफ संकेत दे दिया कि शाहगंज विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां अब तेज हो चुकी हैं।
कार्यक्रम में प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या मंडल के जोन इंचार्ज दिनेश चंद्र ने जैसे ही शाहगंज सीट से जुल्फकार अहमद गामा को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया, पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। अपने संबोधन में उन्होंने बहुजन आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद करते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षों को नमन किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक विषमताओं के बीच खड़े होकर बाबा साहब ने जो रास्ता दिखाया, उसी पर चलते हुए कांशीराम ने आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया। आज उसी विरासत को मायावती आगे बढ़ा रही हैं।
“बहन जी के भरोसे पर खरा उतरूंगा” — गामा का संकल्प
नव घोषित प्रत्याशी जुल्फकार अहमद गामा ने मंच से भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उस पर वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि शाहगंज विधानसभा सीट इस बार “बहन जी” के खाते में जाएगी। गामा ने कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और सामाजिक समरसता के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर काम किया जाएगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ और मंडल स्तर पर मजबूती के साथ जुटें, विरोधियों का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करें और आगामी चुनाव में बसपा को जीत दिलाकर मायावती को सत्ता की चाबी सौंपने का संकल्प लें।
विपक्षी दलों में सेंध, कई नेताओं ने थामा बसपा का दामन
सम्मेलन का एक और अहम पहलू वह रहा, जब समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ताओं ने बसपा की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें पटका और शॉल पहनाकर सम्मानित किया। इस घटनाक्रम को स्थानीय राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सम्मेलन के दौरान यह संदेश बार-बार दोहराया गया कि बहुजन समाज अब केवल अपने अधिकारों तक सीमित नहीं, बल्कि सर्वसमाज के हक की लड़ाई लड़ने को तैयार है। मंच से नेताओं ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि आने वाला चुनाव निर्णायक होगा और इसमें पूरी ताकत झोंकने की जरूरत है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सम्मेलन और प्रत्याशी घोषणा के बाद शाहगंज विधानसभा में मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। बसपा की इस सक्रियता ने अन्य दलों की रणनीतियों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इस अवसर पर मुख्य रूप से रामचंद्र गौतम, विनोद बागरी, सोमनाथ चौधरी, अजय भारती, अमरजीत गौतम, संतोष अग्रहरी, शाहनवाज आलम, एजाज अली, नोमान खान, कामरान अंसारी, फिरोज खान, मौलाना राफे, इरफान खान समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।