आज सेंट्रम होटल, लखनऊ में उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन (पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़)
आज सेंट्रम होटल, लखनऊ में उत्तर क्षेत्र कृषि सम्मेलन (पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़) नई ऊर्जा और संकल्प के साथ प्रारंभ हुआ।
इस सम्मेलन में उत्तर भारत के राज्यों के माननीय कृषि मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों, एफपीओ, स्टार्टअप्स, केवीके, वित्तीय संस्थानों और खरीद एजेंसियों की भागीदारी के माध्यम से खेती, किसान आय, तकनीक, विपणन और कृषि अवसंरचना से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।
इस पूरे दिन चलने वाले विषयगत सत्रों में किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, बागवानी की असीम संभावनाएं, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, उर्वरकों का संतुलित उपयोग, राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन एवं सार्थक संवाद हुआ।
उत्तर प्रदेश द्वारा गन्ने के साथ अंतर्सहफसली खेती और डायरेक्ट सीडिंग ऑफ राइस, हरियाणा द्वारा भूमि अभिलेख एवं “मेरी फसल मेरा ब्यौरा”, पंजाब द्वारा धान से फसल विविधीकरण, तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड द्वारा बागवानी क्षेत्र की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया।
इस सम्मेलन का स्वरूप बहु-हितधारक संवाद रहा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ आईसीएआर के वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, केवीके विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान, महिला किसान उत्पादक संगठन, स्टार्टअप्स, मिलर्स, एग्री-टेक कंपनियां, वैल्यू चेन पार्टनर्स, नाबार्ड, नाफेड, एनसीसीएफ, एनएससी और अन्य संस्थाएं एक मंच पर उपस्थित रहीं।
यह सम्मेलन नीति निर्माण और जमीनी अनुभवों के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा।
सम्मेलन में दलहन, तिलहन, बागवानी, डिजिटल कृषि और उर्वरक प्रबंधन जैसे मुद्दों पर केंद्रित सत्रों के साथ किसानों और एफपीओ की भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि सरकार कृषि नीति को खेत, किसान और बाजार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना चाहती है।
विशेष रूप से महिला किसान उत्पादक संगठनों तथा प्रगतिशील किसानों की उपस्थिति कृषि विकास को अधिक समावेशी और प्रेरक आयाम देती है।
यह पहल इस दृष्टि को मजबूत करती है कि कृषि क्षेत्र में प्रगति केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि राज्यों के साथ सक्रिय समन्वय, श्रेष्ठ अनुभवों के आदान-प्रदान, वैज्ञानिक मार्गदर्शन, तकनीकी नवाचार और किसानों की सीधी भागीदारी से संभव है।
लखनऊ का यह उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन इसी सोच का जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है, जहां से किसान हित, उत्पादकता वृद्धि, लागत में कमी, विविधीकरण, डिजिटल सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि की दिशा में नए संकल्प निकलेंगे।
यह सम्मेलन आगामी राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन की तैयारी को भी मजबूत आधार देगा।
जोनल कॉन्फ्रेंस की यह श्रृंखला जयपुर, लखनऊ, विशाखापट्टनम, गुवाहाटी और भुवनेश्वर के बाद दिल्ली में 28-29 मई को आयोजित राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन तक पहुंचेगी, जिससे क्षेत्रीय अनुभवों को राष्ट्रीय कृषि रणनीति में रूपांतरित करने में मदद मिलेगी।
माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसान कल्याण, कृषि लाभकारीकरण, तकनीकी आधुनिकीकरण और राज्यों के साथ मजबूत साझेदारी ही विकसित भारत की कृषि नींव को मजबूत करेगी।
लखनऊ सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव और कार्यबिंदु आने वाले खरीफ सीजन के लिए कृषि प्रशासन को नई ऊर्जा, नई स्पष्टता और नई दिशा प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर माननीय केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री - श्री रामनाथ ठाकुर जी, माननीय केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री, भारत सरकार - श्री भागीरथ चौधरी जी, माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, पंजाब सरकार - श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां जी, माननीय उद्यान मंत्री, पंजाब सरकार - श्री मोहेंद्र भगत जी, माननीय कृषि मंत्री, उत्तराखंड सरकार - श्री गणेश जोशी जी, माननीय उद्यान मंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार - श्री जगत सिंह नेगी जी, जम्मू-कश्मीर के माननीय कृषि मंत्री - श्री जाविद अहमद डार जी, माननीय उद्यान मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार - श्री दिनेश प्रताप सिंह जी, माननीय कृषि राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार - श्री बलदेव सिंह औलख जी, सचिव, कृषि, भारत सरकार - श्री आतिश चंद्रा जी, कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश सरकार - श्री दीपक कुमार जी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग एवं महानिदेशक, आईसीएआर, भारत सरकार - डॉ. मांगी लाल जाट जी, प्रमुख सचिव, कृषि, उत्तर प्रदेश - श्री रविंद्र जी उपस्थित रहे।
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Narendra Modi Bharatiya Janata Party (BJP) Amit Shah Nitin Nabin Shivraj Singh Chouhan MYogiAdityanath Pankaj Chaudhary Dharampal Singh Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Chief Minister Office Uttar Pradesh