भारतीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
गीत: "गाँव की सरकार"
(मुखड़ा)
लोकतंत्र की नींव जहाँ है, मिट्टी की महक जहाँ,
पंच परमेश्वर विराजते हैं, न्याय की डगर जहाँ।
गाँवों के विकास की अब एक नई मशाल जली,
पंचायती राज से देखो, हर चौपाल खिली।
(अंतरा 1)
सशक्तीकरण का संकल्प लिया, जन-जन की है बारी,
ग्राम सभा में गूँज रही है, आज हक की किलकारी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता का सपना अब साकार हो,
हर हाथ को काम मिले, खुशहाल ये संसार हो।
(अंतरा 2)
आओ मिलकर शपथ उठाएँ, अपना गाँव सँवारेंगे,
भ्रष्टाचार और कुरीतियों को, जड़ से हम उखाड़ेंगे।
पहुँचे शासन द्वारे-द्वारे, ऐसा शुभ अवसर है,
पंचायती राज दिवस ही, हम सबका गौरव है।
(कोरस)
जय ग्राम स्वराज! जय पंचायती राज!
विकास की राह पर, बढ़ता भारत आज।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!
गीत की विशेषताएँ:
भाव: यह गीत गाँवों के आत्मनिर्भर बनने और ग्राम सभाओं की शक्ति पर केंद्रित है।