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सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए कब्जाधारियों को दिए गए थे अंतिम नोटिस, समय पूरा होने पर भी नहीं हटाया गया अवैध कब्जा प्रशासनिक अधिकारी मौन ?

उत्तर प्रदेश सरकार भूमाफीयों, गुंडई करने वालों व विभिन्न अपराध करने वाले अपराधियों के साथ निपटने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है यह अच्छी कार्रवाई है , ऐसा ही कुछ मामला जनपद बागपत के थाना रमाला क्षेत्र के अंतर्गत थाना स्थान मात्र से 1 किलोमीटर दूरी पर गांव बिराल में सरकारी जमीन की कब्जाधारियों द्वारा खरीद बेचने की होड़ खूब जोरों पर है बस स्टैंड के पास ही खसरा नंबर 344 सरकारी अभिलेखों में पीडब्ल्यूडी विभाग का बताया जा रहा है जिस पर कुछ काफी समय से लोग काबिज हो चुके हैं बाकी कुछ खाली जमीन में अभी भी बैनामे कराए जा रहे हैं और स्थाई व कुछ अस्थाई निर्माण किए जा रहे हैं लेकिन क्षेत्रीय लेखापाल अपनी विवेचना बताते हैं कि वहां कोई नया निर्माण नहीं हो रहा यानि सब झूठ, बैनामों में खसरा नंबर 344 का कोई जिक्र नहीं होता फिर भी लोग कुछ कब्जा किए हुए हैं कुछ लोगों से जमीन खरीद करके अपने-अपने मकान या व्यावसायिक संस्थाएं बना रहे हैं इस मामले की शिकायते प्रशासन को बार-बार जाती रहती हैं लेकिन प्रशासन भी अपने खानापूर्ति करके वापस आ जाते हैं लेकिन अभी पिछले सप्ताह पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता श्री अतुल कुमार ने कब्जाधारियों में से कुछ लोगों के नाम सहित अंतिम नोटिस भेज करके चेतावनी दी गई थी की पत्र मिलते ही उसके तीन दिन की अवधि में ही अपने कब्जे हटा ले अन्यथा हम विधि कार्यवाही करेंगे और जो खर्च उसमें आएगा वह भी कब्जा धारी से ही वसूला जाएगा लेकिन समय सीमा तो खत्म हुए 4 दिन हो गए अभी तक कोई चहल-पहल नजर नहीं आई , न हीं किसी ने अपने कब्जे हटाए ना ही कोशिश की बल्कि एक प्लॉट के कब्जाधारी ने तो VIP चाऊमीन वाले व्यापारी को लोहे का तीन सेट डालकर बड़ी दुकान खुलवाने का कार्य किया और उससे लगभग ₹10000 प्रति माह किराया वसूल रहा है यह सूत्र बताते हैं फोटो भी संलग्न है इस मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रांतीय खंड के एक्शन अतुल कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में कई शिकायत आ चुकी हैं हमने राजस्व विभाग को टीम मांगने के लिए कई बार अपने पत्र लिखें लेकिन उनकी तरफ से हमें कोई टीम नहीं मिली और इसलिए सब काम ढीला है अगर हमें टीम पहले मिल जाती तो अब तक हम इसकी निशान दही कर इसको अपने अधिकार क्षेत्र में ले सकते थे जैसे ही हमें तहसील बडोद एसडीएम या तहसीलदार टीम उपलब्ध कराएंगे तो वैसे ही हम तुरंत एक्शन लेंगे अब देखना होगा कि किसकी बात में कितना दाम है। फोटो संलग्न हैं।

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Comment
  • Dhermander Singh Tomar

    Notice ki photo ek kabzadhario me se VIP chaumeen dookandaar ne hame hamare office me dikhaya hai jiski photo news wale page par lgi hai.

  • Dhermander Singh Tomar

    Achhi khabar sachchi khabar

  • Dhermander Singh Tomar

    Achhi khabar sachchi khabar