छिंदवाड़ा में पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन-पुलिस की पहल
छिंदवाड़ा जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की “प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना” (PM Road Accident Victim Hospitalization & Assured Treatment Scheme) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सक्रिय पहल शुरू कर दी है।
इसी क्रम में आयुष्मान भारत – पीएमजेएवाई योजना से संबद्ध अस्पतालों के लिए संवेदीकरण कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें इन अस्पतालों को योजना के तहत नामित अस्पताल के रूप में कार्य करने के लिए तैयार किया गया।
कार्यक्रम कलेक्टर हरेंद्र नारायन और पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस दौरान डीएसपी ट्रैफिक आर.पी. चौबे ने योजना की शुरुआत और पुलिस के ई-डार पोर्टल की जानकारी दी। वहीं, एनआईसी के तकनीकी विशेषज्ञ राजहंस गोंडाने ने योजना के आईटी प्लेटफॉर्म और तकनीकी प्रक्रियाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
कार्यशाला में बताया गया कि योजना के तहत नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) द्वारा ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS), हॉस्पिटल एंगेजमेंट मॉड्यूल (HEM) और एंटी-फ्रॉड ट्रिगर्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। अस्पतालों को मरीज भर्ती, TMS आईडी जनरेशन, ई-डार आईडी से मैपिंग, सत्यापन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
योजना की मुख्य बातें
योजना 13 फरवरी 2026 से लागू
पहले CTRAV (Cashless Treatment of Road Accident Victim) के नाम से जानी जाती थी
सड़क दुर्घटना में घायल को गोल्डन ऑवर में प्राथमिक इलाज
दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक कैशलेस उपचार
प्रति मरीज अधिकतम ₹1.5 लाख तक का इलाज
किसी भी नामित अस्पताल में तत्काल भर्ती की सुविधा
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार, अपर कलेक्टर धीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी आशीष खरे, सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाडे, सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे सहित प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
साथ ही, आरटीओ अनुराग शुक्ला द्वारा “राहवीर योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी अस्पतालों का ओरिएंटेशन किया गया।
इस पहल से उम्मीद है कि छिंदवाड़ा जिले में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर बेहतर और कैशलेस इलाज सुनिश्चित हो सकेगा, जिससे अनेक लोगों की जान बचाई जा सकेगी।