गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की है जीवनधारा : धनराज पारेता
गंगा सप्तमी पर भारतीय किसान संघ का आयोजन, नदियों की स्वच्छता का लिया संकल्प
इटावा, 23 अप्रैल।
गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर भारतीय किसान संघ, तहसील पीपल्दा द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हुकम चंद मीणा ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में किसान युवा नेता धनराज पारेता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया गया। मंच संचालन तहसील मंत्री अशोक जांगिड़ ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया।
प्रचार प्रमुख उमाशंकर नागर ने बताया कि इस अवसर पर एकत्रित किसान कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं पर गंभीर चर्चा की। साथ ही संगठन को मजबूत करने और भविष्य की योजनाओं को लेकर रणनीति भी बनाई गई।
मुख्य वक्ता धनराज पारेता ने अपने संबोधन में गंगा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की जीवनधारा है।” उन्होंने सभी से आह्वान किया कि गंगा सप्तमी के अवसर पर यह संकल्प लें कि माँ गंगा सहित आसपास की सभी नदियों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा स्नान आत्मा की शुद्धि का माध्यम है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
कार्यक्रम में खातोली तहसील अध्यक्ष किशन गोपाल नागर, मंत्री अशोक जांगिड़, उपाध्यक्ष मोतीलाल नागर, तहसील विधि प्रमुख एडवोकेट दीपक उपाध्याय, नगर अध्यक्ष बाबूलाल मीणा, मंत्री रामहेत मीणा, सीताराम मीणा, बाबूलाल बैरवा, योगेंद्र नागर, जगदीश नागर और उमाशंकर नागर सहित अनेक किसान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिला, बल्कि किसानों के हितों और उनकी समस्याओं पर सामूहिक चिंतन भी किया गया।
अंत में तहसील अध्यक्ष हुकम चंद मीणा और किशन गोपाल नागर ने जानकारी दी कि गंगा दशमी के अवसर पर भारतीय किसान संघ, कोटा जिला द्वारा जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा के नेतृत्व में हाड़ौती क्षेत्र की जीवनदायिनी मां चंबल नदी की पूजा-अर्चना कर चुनरी ओढ़ाई जाएगी, जिसमें सैकड़ों किसान कार्यकर्ता भाग लेंगे।