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फर्जी दस्तावेजों से लाखों का लोन हड़पने के मामलें में चौथा आरोपी गिरफ्तार, क्लाइंट लाने के बदले लेता था कमीशन

आरोपी राहुल और अभिषेक के खिलाफ केरल समेत भारत के अलग अलग राज्यों में फर्जी लोन व अन्य फ्रॉड संबंधी कई मामले व शिकायतें पहले से दर्ज

पंचकूला/ 23 अप्रैल:-पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से लाखों रुपये का लोन हड़पने इस मामले में चौथे आरोपी गौतम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामलें में आर्थिक अपराध शाखा द्वारा पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से नकली दस्तावेज तैयार कर बैंकिंग सिस्टम को धोखा देकर लोन हासिल करता था।

मामले की शुरुआत भारतीय स्टेट बैंक, सेक्टर-15 पंचकूला के बैंक मैनेजर की शिकायत से हुई, जिसमें बताया गया कि जसवंत सिंह नामक व्यक्ति ने करीब 13.63 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने के लिए फर्जी सर्विस सर्टिफिकेट, सैलरी स्लिप, सर्विस बुक, एनओसी और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज जमा कराए थे। आरोपी ने न केवल दस्तावेज फर्जी दिए, बल्कि लोन मिलने के बाद अपनी सैलरी अकाउंट को दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर ईएमआई भी चुकानी बंद कर दी। इस शिकायत पर 1 अगस्त को थाना सेक्टर-14 पंचकूला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4),336(3),338,340,61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी जसवंत सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में जसवंत सिंह ने अपने अन्य साथियों अभिषेक धीर, राहुल कुमार अग्रवाल के नाम भी उजागर किए जो पीर मुछल्ला में फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अभिषेक धीर और राहुल कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, गाड़ियां और फर्जीवाड़े से अर्जित नकदी बरामद की गई। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का नेटवर्क पंजाब के अमृतसर, मोहाली और जीरकपुर तक फैला हुआ था, जहां अलग-अलग स्थानों से ऑपरेट कर बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था।

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता: मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी गौतम निवासी अमृतसर को जांच अधिकारी एएसआई संदीप द्वारा 18 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में गौतम ने भी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और लोन दिलवाने में भूमिका स्वीकार की। आरोपी फर्जी लोन दिलवाने के लिए क्लाइंट लेकर आता था और उसके बदले कमीशन प्राप्त करता था। आरोपी को 19 अप्रैल को अदालत में पेश कर 3 रिमांड लिया गया और जांच के बाद 22 अप्रैल को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी राहुल और अभिषेक के खिलाफ भारत के अलग अलग राज्यों में फर्जी लोन व अन्य फ्रॉड संबंधी कई मामले व शिकायतें दर्ज पहले से दर्ज है।
इस मामले में तीनों मुख्य आरोपियों के खिलाफ चालान पहले ही अदालत में पेश किया जा चुका है।

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