टेमपर्ड नंबर प्लेट लगाकर ट्रिपल राइडिंग पड़ी भारी, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने बीच सड़क रुकवाई बाइक, 25 हजार का चालान काटकर बाइक इंपाउंड की
टेमपर्ड नंबर प्लेट लगाकर ट्रिपल राइडिंग पड़ी भारी, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने बीच सड़क रुकवाई बाइक, 25 हजार का चालान काटकर बाइक इंपाउंड की
पंचकूला/ 23 अप्रैल:- पंचकूला पुलिस द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आज एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। शहर की सड़कों पर अनुशासन बनाए रखने के संकल्प को दोहराते हुए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने स्वयं मोर्चा संभाला और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले युवकों को कड़ा सबक सिखाया।
यह घटना दिनांक 22 अप्रैल, सेक्टर-1 स्थित मदर टेरेसा साकेत हॉस्पिटल के पास की है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह अपने निजी वाहन से वहां से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बाइक पर पड़ी जिस पर तीन युवक सवार थे। गौर करने वाली बात यह थी कि बाइक की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ (टेमपर्ड) की गई थी ताकि उसकी पहचान छुपाई जा सके। डीसीपी ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए बाइक को मौके पर ही रुकवा लिया। उन्होंने सिटी ट्रैफिक एसएचओ वरिंद्र कुमार को तुरंत घटनास्थल पर बुलाया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बाइक का 25 हजार रुपये का भारी-भरकम चालान काटा और वाहन को मौके पर ही इंपाउंड कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद युवाओं और आमजन को कड़ा संदेश देते हुए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा: युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि यातायात नियमों का पालन करना उनकी अपनी सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था के लिए अनिवार्य है। नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करना या उसे छिपाना यातायात नियमों की उल्लंघना है। कोई भी व्यक्ति यह न सोचे कि वह नंबर छिपाकर पुलिस की पैनी नजर से बच सकता है। हमारी टीमें आधुनिक तकनीक और सक्रियता से ऐसे हर वाहन पर नजर रख रही हैं।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने आगे स्पष्ट किया कि सभी पुलिस टीमों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि वे जाली या टेमपर्ड नंबर प्लेट वाले वाहनों पर पैनी नजर रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें और उन्हें बिना उचित दस्तावेजों व नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने न दें। पंचकूला पुलिस का लक्ष्य सड़कों को सुरक्षित बनाना है और इसके लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई का सिलसिला भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।