‘परिंडे लगाओ, पक्षी बचाओ’ अभियान पहुंचा पुलिस थाना रामसीन, परिसर में लगाए गए परिंडे
हर व्यक्ति बने भागीदार, अपनी छत पर कम से कम दो परिंडे जरूर लगाएं
‘परिंडे लगाओ, पक्षी बचाओ’ अभियान पहुंचा पुलिस थाना रामसीन, परिसर में लगाए गए परिंडे
हर व्यक्ति बने भागीदार, अपनी छत पर कम से कम दो परिंडे जरूर लगाएं
सियाणा (रामसिंह महेचा) भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से रूप सिंह राठौड़ द्वारा संचालित ‘परिंडे लगाओ, पक्षी बचाओ’ अभियान लगातार विस्तार ले रहा है। इसी क्रम में निकटवर्ती गांव रामसीन के पुलिस थाना परिसर में मिट्टी के परिंडे लगाकर उनमें पानी भरा गया, ताकि पक्षियों को शीतल जल उपलब्ध हो सके।
इस अवसर पर महेचा पत्रकार ने इस शानदार मुहिम को अत्यंत सराहनीय कदम बताते हुए आमजन से अपील की कि हर व्यक्ति इस अभियान में शामिल होकर पुण्य का भागीदार बने और अपनी छत पर कम से कम दो परिंडे अवश्य लगाए।
थानाधिकारी अरविन्द राजपुरोहित के निर्देशन में पुलिस स्टाफ—हेड कांस्टेबल रमेश, मनरूपाराम, मफतलाल, कुलदीप सिंह, जयंतीलाल, ओम प्रकाश, महिला कांस्टेबल सोनिया व रीना—सहित रूप सिंह राठौड़ की टीम के सदस्य गंगा सिंह बागरा व महेन्द्र सिंह दीगांव ने मिलकर परिसर के पेड़ों पर 20 परिंडे लगाए। इसके अलावा कांस्टेबल गंगा द्वारा मांडोली क्षेत्र में भी 4 परिंडे स्थापित किए गए।
रूप सिंह राठौड़ ने पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए सभी से अपील की कि परिंडों में नियमित रूप से पानी भरते रहें, जिससे गर्मी के मौसम में पक्षियों को निरंतर राहत मिलती रहे।
पुलिस स्टाफ ने किया सम्मान:
अभियान के प्रति समर्पण को देखते हुए पुलिस स्टाफ ने नारणावास निवासी रूप सिंह राठौड़ का साफा पहनाकर सम्मान किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
1000 परिंडे लगाने का लक्ष्य:
राठौड़ ने बताया कि नारणावास सहित आसपास के क्षेत्रों में 1000 परिंडे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अप्रैल 2026 से अब तक 616 से अधिक परिंडे विभिन्न गांवों और जंगलों में लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में पक्षियों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, ऐसे में यह अभियान उनके लिए जीवनदायी साबित हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि रूप सिंह राठौड़ पिछले 10 वर्षों से लगातार इस अभियान को चलाकर लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन: पुलिस थाना रामसीन परिसर में पुलिस स्टाफ के साथ परिंडे लगाते रूप सिंह राठौड़।